नाबालिग लड़की के अपहरणकर्ता को चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा

छह गवाहों की हुई गवाही के आधार पर न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया

स्पेशल पॉक्सो कोर्ट सह डीजे प्रथम कुमार पवन की अदालत ने शादी की नीयत से नाबालिग किशोरी को भगाने के मामले में आरोपी को दोषी पाकर सजा दी है. न्यायालय ने आरोपी को भादवि 366 के तहत दोषी पाकर चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा एवं 10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को दो महीने की साधारण सजा अलग से काटनी होगी. सजावार आरोपी आकाश पासवान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरिपुर गैरवन्ना का रहनेवाला है. आरोपी के विरुद्ध मुफ्सिल थाना क्षेत्र के ही नाबालिग की मां द्वारा प्राथमिकी सं 140/ 2023 दर्ज करायी गयी थी. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार सूचिका अपने घर में 7 अगस्त 23 को सुबह सोकर उठी, तो अपनी नाबालिग लड़की को घर में नहीं पाकर खोजबीन करना शुरू किया, तो पता चला कि आरोपी आकाश पासवान ही उसकी नाबालिग लड़की को भगाकर ले गया है. पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में घटना सत्य पाकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और कोर्ट में आरोपी के विरुद्ध चार्ज सीट दाखिल की. नाबालिग से जुड़ा होने के कारण मामला पॉक्सो कोर्ट में विचारण हुआ. कोर्ट में छह गवाहों की हुई गवाही के आधार पर न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया.

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By SANJEET KUMAR

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