नवरात्र के शुभ अवसर पर महागामा प्राचीन दुर्गा मंदिर परिसर में सप्तमी पूजा पर करीब 27 हजार श्रद्धालु उपस्थित हुए. उन्होंने मां दुर्गा की झाड़ू, छर्रा और दंड पूजन विधि-विधान से किया. सुबह से ही मंदिर से गंगासागर मोड़ तक और केसरी मोहल्ला तक लगभग एक किलोमीटर लंबी श्रद्धालुओं की कतार लगी रही. जय मां अंबे, जय जगदंबे के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा. हजारों श्रद्धालुओं ने अरहर की डाली से झाड़ू लगाकर मां की आराधना की. महिलाओं ने दूध, चंदन, फूल, बेलपत्र सहित अन्य पूजन सामग्री लेकर छर्रा (पावड़ा) देकर मां का स्वागत किया.
सुरक्षा और सेवा में पुलिस व स्थानीय लोग सक्रिय
भीड़ नियंत्रण एवं सहयोग के लिए एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद, सीओ खगेन महतो, इंस्पेक्टर उपेंद्र महतो, थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह सहित स्थानीय लोग जुटे रहे. चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मदन कुमार भगत के नेतृत्व में श्रद्धालुओं को पानी और शरबत उपलब्ध करायी गयी. झाड़ू-छर्रा पूजन के पश्चात माता बेलवरणी को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ राज परिवार के वंशज दयाशंकर ब्रह्म और राजपुरोहितों द्वारा मंदिर प्रांगण तक लाया गया. चक्षु दान और नवपत्रिका पूजन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित कर पूजा की गयी.रात्रि में विशेष निशा पूजा का आयोजन
सप्तमी पूजा के मध्य रात्रि में तांत्रिक विधि से विशेष निशा पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें मां दुर्गा को 56 प्रकार का भोग अर्पित किया गया. महागामा के दुर्गा मंदिरों सहित ऊर्जा नगर, लहठी, खुटहरी और संग्रामपुर के मंदिरों को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जहां श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है.
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