प्रतिनिधि, हनवारा. महागामा प्रखंड में चीनी की कीमतों में अचानक भारी उछाल से आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित होने लगा है. महज 10 दिनों के भीतर चीनी के खुदरा दाम में 15 से 25 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है. बाजार में चीनी अब करीब 70 रुपये किलो तक बिक रही है. त्योहारी सीजन से ठीक पहले कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
त्योहार से पहले रसोई पर बढ़ा बोझ
देशभर में चीनी की कीमतों में तेजी का असर महागामा क्षेत्र के बाजारों में भी देखने को मिल रहा है. रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों को देखते हुए चीनी की मांग बढ़ी है. इसके साथ ही पिस्ता, बादाम, काजू और किशमिश जैसे मेवों की कीमतों में भी तेजी आई है. इससे त्योहारों की खरीदारी का खर्च बढ़ गया है.
चाय की चुस्की भी हुई महंगी
चीनी और कोयले की लागत बढ़ने का असर चाय की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है. चौक-चौराहों पर चाय की कीमत में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की जा रही है.
मिल्की चौक के दुकानदार पवन सिंह ने बताया कि 5 रुपये वाला छोटा कप अब 6 रुपये में बेचा जा रहा है. वहीं हनवारा के एक दुकानदार के अनुसार 10 रुपये वाली चाय अब 12 रुपये में बिक रही है. हालांकि हनवारा चौक के कई दुकानदारों ने फिलहाल चाय के दाम नहीं बढ़ाए हैं. उनका कहना है कि लागत इसी तरह बढ़ती रही तो छोटे स्तर पर चाय का कारोबार चलाना मुश्किल होगा और मजबूरी में कीमत बढ़ानी पड़ेगी.
मिठाई की कीमत में भी 10 फीसदी तक बढ़ोतरी
चीनी के अलावा दूध, तेल और ड्राई फ्रूट्स की कीमत बढ़ने से मिठाई की लागत भी बढ़ गई है. दुकानदारों के अनुसार मिठाई के दाम में करीब 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. पहले 400 रुपये किलो बिकने वाली मिठाई अब बाजार में 440 से 450 रुपये किलो तक पहुंच गई है.
काजू 1000, पिस्ता 1500 रुपये किलो तक
मेवों की कीमतों में भी लगातार तेजी देखी जा रही है. बाजार में काजू 900 से 1000 रुपये, बादाम 800 से 900 रुपये, पिस्ता 1400 से 1500 रुपये और किशमिश करीब 400 रुपये किलो तक पहुंच गई है. इससे त्योहारों पर मिठाई और पकवान बनाने की तैयारी कर रहे लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है.
आपूर्ति कम, मांग अधिक होने का असर
व्यापारियों का कहना है कि मिलों से चीनी की आपूर्ति कम होने और बाजार में मांग बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी आई है. वहीं आम लोगों ने प्रशासन से बाजार में कीमतों की निगरानी करने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
