महागामा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा से मुलाकात कर ईसीएल द्वारा अधिग्रहीत आदिवासी भूमि के बदले लंबित मुआवजा और अन्य सुविधाओं का मामला उठाया. इस दौरान उन्होंने प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं के बारे में आयोग को विस्तार से जानकारी दी और शीघ्र समाधान की मांग की. नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन ने बताया कि महागामा क्षेत्र में वर्षों पहले ईसीएल द्वारा कई आदिवासी परिवारों की जमीन अधिग्रहीत की गयी थी. लेकिन आज भी कई परिवार अपने वैधानिक अधिकार, उचित मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है. प्रबोध सोरेन ने आयोग की सदस्य से महागामा क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह किया. साथ ही उन्होंने ईसीएल, जिला प्रशासन और प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की, ताकि लंबित मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं से जुड़े मामलों का निष्पक्ष समाधान निकाला जा सके. नगर अध्यक्ष ने आयोग से आदिवासी समाज के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के समय जिन सुविधाओं और लाभों का आश्वासन दिया गया था, उनमें से कई अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो सके हैं, जिससे प्रभावित परिवार आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य से मिले महागामा नगर पंचायत अध्यक्ष
अधिग्रहीत आदिवासी भूमि का लंबित मुआवजा और सुविधाओं का मुद्दा उठाया
