रवि ठाकुर, पोड़ैयाहाट: अंचल कार्यालय पोड़ैयाहाट से फर्जी निवासी प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने के संकेत मिले हैं. अंचल अधिकारी अमित किस्कू ने ग्राम पंचायत पोड़ैयाहाट के मुखिया अनुपम कुमार भगत और ग्राम प्रधान रामानन्द साह को कारण पृच्छा नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है.
अंचल कार्यालय से जारी ज्ञापांक 735/रा०, दिनांक 11 सितंबर 2026 में दोनों जनप्रतिनिधियों से निवासी प्रमाण पत्र के आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा गया है. हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का अंतिम पक्ष सामने आना अभी बाकी है.
बिना जांच सादे कागज पर हस्ताक्षर का आरोप
अंचल अधिकारी की ओर से जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि निवासी प्रमाण पत्र के आवेदन पत्रों पर आवश्यक जांच-पड़ताल किये बिना सादे कागज पर हस्ताक्षर और मुहर लगायी जा रही थी.
प्रशासन का कहना है कि खाली आवेदन पत्रों पर हस्ताक्षर और मुहर मिलने से जाली तरीके से निवासी प्रमाण पत्र तैयार किये जाने की संभावना बढ़ जाती है. इसी बिंदु को गंभीर अनियमितता मानते हुए दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
24 घंटे में कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश
नोटिस में दोनों जनप्रतिनिधियों को 24 घंटे के भीतर सशरीर अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है.
अंचल अधिकारी अमित किस्कू ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह मामला सर्वोच्च प्राथमिकता में है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कई बड़े अधिकारियों को भेजी गयी नोटिस की प्रति
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नोटिस की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी पोड़ैयाहाट, अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी गोड्डा, अपर समाहर्ता गोड्डा और उपायुक्त गोड्डा को भी भेजी गयी है.
अब दोनों जनप्रतिनिधियों के स्पष्टीकरण के बाद प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है.
ग्राम प्रधान बोले- मानवीय भूल
इधर, मामले को लेकर ग्राम प्रधान रामानंद शाह ने इसे मानवीय भूल बताया है. उनका कहना है कि मामले में जानबूझकर किसी गलत कार्य में सहयोग करने का उद्देश्य नहीं था.
प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
फर्जी प्रमाण पत्र के खेल पर उठे सवाल
निवासी प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितता सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है. प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है.
फिलहाल अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है.
