पोड़ैयाहाट, प्रतिनिधि. एक महीने तक चले पवित्र श्रावण मास के समाप्त होते ही पोड़ैयाहाट बाजार में मांस-मछली की दुकानों पर शनिवार को जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी. सावन भर मांस-मछली से दूरी बनाए रखने वाले लोगों ने सावन खत्म होते ही जमकर खरीदारी की. सुबह से ही बाजार की मांस-मछली दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतार देखने को मिली.
सावन खत्म होते ही कई गुना बढ़ी बिक्री
दुकानदारों के अनुसार, श्रावण मास में मांस-मछली की बिक्री काफी कम हो गयी थी. कई दुकानों पर बिक्री लगभग बंद जैसी स्थिति में थी. लेकिन सावन समाप्त होते ही शनिवार को ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गयी. सुबह से ही दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगी रही.
मछली विक्रेता पुलेंद्र केवट ने बताया कि सावन के दौरान रोजाना महज 2-3 किलो मछली की बिक्री हो रही थी. शनिवार को मांग अचानक बढ़ गयी और करीब 30-40 किलो तक मछली बिक गयी. उन्होंने बताया कि ग्राहकों की भीड़ सुबह से ही लगी हुई है.
खस्सी 900, देशी मुर्गा 500 रुपये किलो
मीट की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रही. विक्रेताओं के अनुसार, बाजार में खस्सी मीट करीब 900 रुपये प्रति किलो और देशी मुर्गा करीब 500 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. कीमत अधिक होने के बावजूद ग्राहक खरीदारी करते नजर आये.
सावन में खान-पान पर रहता है संयम
हिंदू धर्म में श्रावण मास को पवित्र महीना माना जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और मांस-मछली समेत कई खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते. इसी कारण सावन में बाजार में मांस-मछली की दुकानों पर बिक्री काफी कम हो जाती है.
श्रावण मास समाप्त होने के साथ ही लोगों ने फिर से अपने खान-पान में बदलाव किया. कई लोगों ने पहले से ही दुकानदारों को मांस-मछली के लिए ऑर्डर दे रखा था. सावन समाप्त होते ही वे खरीदारी के लिए बाजार पहुंच गये.
सावन खत्म, बाजार में लौटी रौनक
कुल मिलाकर श्रावण मास की समाप्ति के बाद पोड़ैयाहाट बाजार में मांस-मछली की दुकानों पर एक बार फिर चहल-पहल बढ़ गयी है. सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ और बढ़ी बिक्री ने दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक ला दी.
