आदिवासी गांव मंझकोला में सोलर जलमीनार खराब

पीने के पानी को लेकर तरस रहे लोग, बाहर से लाना पड़ता है पानी

मिश्र गंगटी पंचायत अंतर्गत आदिवासी गांव मंझकोला में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. यह गांव ठाकुरगंगटी-परासी जाने वाले मुख्य मार्ग में बसा हुआ है, जो सड़क के दोनों किनारे लंबी दूरी तक है. इस गांव में एक हजार की आबादी मात्र एक चापाकाल पर आश्रित है. वह भी विगत एक माह से खराब पड़ा हुआ है. उक्त चापाकल गांव के प्रधान सोरेन के घर के सामने है. गांव की आधी आबादी इसी पर आश्रित है. गांव में एक जलमीनार लगाया गया था. वह विगत दो माह से खराब पड़ा हुआ है. गांव के लोग पीने के पानी को लेकर त्राहिमाम हैं. गांव में फिलहाल गर्मी के मौसम रहने के कारण पानी की काफी खपत होती है. ग्रामीण ताला हांसदा, नरेश टुड्डू, बाबूराम मुर्मू, साहेब हेंब्रम, बिनोद टुड्डू ने बताया कि गांव में जब से जलमीनार खराब है, पानी की भीषण समस्या उत्पन्न हो गयी है. बाहर से पीने का पानी लाना पड़ता है, जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. पानी की समस्या को लेकर गांव के ग्रामीण काफी परेशान रहते है. गांव का अधिकांश चापाकल से पानी का लेयर नीचे चले जाने के कारण काफी कम पानी निकलता है. इस कारण ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ पाती है. ग्रामीणों ने खराब पड़े जलमीनार की मरम्मत कराये जाने की मांग की है.

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Author: SANJEET KUMAR

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