16 लाख खर्च के बाद भी भक्तगृह बेहाल! न पानी, न शौचालय… टपकती छत का कौन जिम्मेदार?

लाखों की लागत से बना सिद्ध शक्तिपीठ योगिनी स्थान का भक्तगृह बदहाल. लाखों खर्च के बावजूद सुविधाओं का अभाव, न पानी, न शौचालय, छत से टपकता पानी. जानें पूरी कहानी.

प्रतिनिधि, पथरगामा.प्रखंड के सिद्ध शक्तिपीठ योगिनी स्थान में करीब 16 लाख रुपये की लागत से बना भक्तगृह आज बदहाली की तस्वीर बन चुका है. वर्ष 2005 में झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग की निधि से निर्मित इस भवन का उद्घाटन 27 जुलाई 2005 को तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री प्रदीप यादव और गोड्डा के तत्कालीन विधायक मनोहर कुमार टेकरीवाल ने किया था. करीब दो दशक बाद यही भवन अब रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है.

दो मंजिले इस भक्तगृह में श्रद्धालुओं के ठहरने की समुचित व्यवस्था के लिए कमरे, हॉल, बरामदे और अटैच टॉयलेट-बाथरूम बनाये गये थे. लेकिन वर्तमान में भवन की मूल सुविधाएं ही दम तोड़ चुकी हैं. कमरों से जुड़े बाथरूम में पानी नहीं पहुंचता और क्षतिग्रस्त पाइप के कारण शौचालय भी वर्षों से इस्तेमाल के लायक नहीं है.

जर्जर भवन पानी का सीपेज /तार व बोर्ड भी जला हुआ | Prabhat Khabar Network

न पानी की सुविधा, न शौचालय का इस्तेमाल

भक्तगृह की सबसे बड़ी समस्या पानी की है. भवन के निर्माण के समय परिसर में बोरिंग करायी गयी थी, लेकिन बोरिंग सफल नहीं हुई. इसके बाद पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी. वर्तमान में निचले और ऊपरी दोनों तल के बाथरूम में पानी की सुविधा नहीं है.

केयरटेकर के अनुसार, भवन की चहारदीवारी के बाहर लगा चापाकल भी वर्षों से खराब पड़ा है. ऐसे में श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है. शौचालय का पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण उसका इस्तेमाल भी कई वर्षों से बाधित है.

छत में दरार, बारिश में कमरों में टपकता है पानी

भक्तगृह की ऊपरी मंजिल की छत में कई जगह दरारें पड़ गयी हैं. बारिश होने पर छत से पानी टपकता है. लगातार नमी के कारण भवन की दीवारों पर काई और गंदगी की मोटी परत जम गयी है.

सबसे ऊपरी तल की छत का दरवाजा भी टूट चुका है. खिड़कियों के छज्जे क्षतिग्रस्त हैं, जबकि अधिकांश खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं. भवन में बिजली की सुविधा जरूर है, लेकिन कई स्थानों पर वायरिंग भी खराब हो चुकी है.

कमरे हैं, लेकिन सुविधाएं गायब

भक्तगृह के निचले तल पर दो कमरे, अटैच टॉयलेट-बाथरूम, एक हॉल और एक बरामदा है. ऊपरी तल पर भी दो कमरे, अटैच टॉयलेट-बाथरूम, हॉल और बरामदा बनाया गया है.

शुरुआती दिनों में ऊपरी मंजिल के कमरों में दो-दो पलंग और गोदरेज की सुविधा उपलब्ध थी. लेकिन लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण ये सामान भी काफी पुराने हो चुके हैं. वहीं निचली मंजिल के कमरों में अब न बेड हैं और न ही गोदरेज की सुविधा.

जर्जर गेट, उखड़ रहा ग्रेनाइट

भक्तगृह का मुख्य लोहे का गेट भी जर्जर हो चुका है. गेट के दोनों पिलरों पर लगाए गए ग्रेनाइट पत्थर अधिकांश हिस्सों में उखड़ चुके हैं. भवन के सामने स्टील प्लेट पर लिखा 'भक्तगृह' का अक्षर भी कई साल पहले ही उखड़ चुका है.

परिसर में बारिश के पानी की निकासी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है. बारिश के बाद पानी कई दिनों तक परिसर में जमा रहता है, जिससे आसपास गंदगी और परेशानी बनी रहती है.

जर्जर भवन पानी का सीपेज /तार व बोर्ड भी जला हुआ | Prabhat Khabar Network

12 साल से नहीं हो रहे शादी-विवाह के आयोजन

भक्तगृह की बदहाल स्थिति का असर यहां होने वाले सामाजिक आयोजनों पर भी पड़ा है. करीब 12 वर्षों से योगिनी स्थान में शादी-विवाह के लिए पहुंचने वाले लोग भक्तगृह में कार्यक्रम आयोजित कराने के बजाय दूसरी धर्मशाला या विवाह भवन को प्राथमिकता दे रहे हैं. सुविधाओं के अभाव में लाखों रुपये की लागत से बना यह भवन अपने उद्देश्य से दूर होता जा रहा है.

शनिवार और मंगलवार को ही कुछ श्रद्धालु करते हैं उपयोग

केयरटेकर रामबिलास रजक ने बताया कि फिलहाल शनिवार और मंगलवार को योगिनी स्थान पहुंचने वाले कुछ श्रद्धालु पूजा-पाठ के बाद रात में भक्तगृह में ठहरते हैं. उन्होंने बताया कि पानी की समस्या गंभीर है. चहारदीवारी के बाहर लगा चापाकल वर्षों से खराब है और शौचालय का पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण उसका इस्तेमाल भी लंबे समय से नहीं हो पा रहा है.

करीब 16 लाख रुपये की लागत से तैयार इस भवन की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि सरकारी संपत्ति के रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है. समय रहते मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं की बहाली नहीं हुई, तो यह भवन पूरी तरह अनुपयोगी होने की कगार पर पहुंच सकता है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >