प्रतिनिधि, पथरगामा. प्रखंड क्षेत्र के बाबूपुर मोड़ के आगे स्थित पुरानी पुलिया की जर्जर रेलिंग इन दिनों हादसे का सबब बनी हुई है. सीमेंट से बनी रेलिंग का अधिकांश हिस्सा टूटकर झड़ चुका है और जगह-जगह सरिया बाहर निकल आया है. लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी रेलिंग की अब तक मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
टूटी रेलिंग के कारण कभी भी हो सकती है अनहोनी
पुलिया गांव के लोगों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं. रेलिंग के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण पुलिया से नीचे गिरने का खतरा बना रहता है. जरा सी असावधानी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
सुबह-शाम टहलने वालों की भी रहती है आवाजाही
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां टहलने के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में पुलिया की टूटी रेलिंग और खुला किनारा लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति अधिक चिंताजनक है. अंधेरा होने के बाद खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि क्षतिग्रस्त हिस्से को दूर से आसानी से देख पाना मुश्किल होता है.
कई वर्षों से खराब है पुलिया, नहीं दिया जा रहा ध्यान
ग्रामीण निरंजन सिंह, अशोक महतो, गोपाल प्रसाद यादव, लक्ष्मण यादव, अनिल भगत सहित अन्य लोगों ने बताया कि पुलिया की स्थिति पिछले कई वर्षों से खराब है. रेलिंग लगातार टूटती गई, लेकिन इसकी मरम्मत को लेकर अब तक गंभीर पहल नहीं हुई. ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है.
हादसे से पहले मरम्मत कराने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से पुलिया की जर्जर रेलिंग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी है. पुलिया की रेलिंग की मरम्मत होने से राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों को संभावित हादसे से बचाया जा सकेगा.
