बसंतराय: बसंतराय प्रखंड मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर शनिवार को सुंदर नदी में डूबने से नौ वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी. घटना सुंदर नदी के छोटी पुल के पास हुई. पहचान बाघाकोल निवासी सोनू साह के पुत्र अंकुश राज (9 वर्ष) के रूप में हुई है. वह उत्क्रमित कन्या विद्यालय, बाघाकोल में पढ़ता था.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जानकारी के अनुसार, अंकुश राज शनिवार को घर से विद्यालय जाने की बात कहकर निकला था. परिजनों का कहना है कि वह विद्यालय पहुंचा था. इसके बाद विद्यालय से निकलकर सुंदर नदी के छोटी पुल के पास नहाने चला गया.
इसी दौरान वह नदी के गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. बच्चे को डूबता देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया. इसके बाद ग्रामीणों ने नदी में उसकी तलाश शुरू की. करीब आधे घंटे की खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने अंकुश का शव नदी से बरामद किया.
स्कूल गया था या नहीं, बयान अलग-अलग
अंकुश की मौत के बाद अब उसके विद्यालय पहुंचने को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं. इस मामले में प्रधानाध्यापक और मृतक के परिजनों के बयान अलग-अलग हैं. उत्क्रमित कन्या विद्यालय, बाघाकोल के प्रधानाध्यापक शीतलाल मुर्मू ने दूरभाष पर बताया कि अंकुश राज शनिवार को विद्यालय आया ही नहीं था.
बहन का कहना है कि अंकुश शनिवार को स्कूल गया था. उसके अनुसार, विद्यालय से निकलने के बाद ही वह सुंदर नदी के छोटी पुल के पास नहाने के लिए गया था, जहां गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गयी. दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
यदि अंकुश विद्यालय पहुंचा था, तो विद्यालय से वह कब निकला. क्या उसकी विद्यालय में उपस्थिति दर्ज हुई थी. वह विद्यालय परिसर से नदी तक कैसे पहुंचा. इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. आधे घंटे की तलाश के बाद मिला शव
ग्रामीणों के अनुसार, अंकुश के नदी में डूबने की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में लोग मौके पर जुट गये. ग्रामीणों ने अपने स्तर से नदी में बच्चे की तलाश शुरू की. करीब आधे घंटे तक खोजबीन के बाद अंकुश का शव पानी से बरामद किया गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी मातम का माहौल रहा.
बताया गया कि अंकुश के पिता सोनू साह और उसकी मां फिलहाल भागलपुर में अपना इलाज करा रहे थे. इसी दौरान उन्हें नौ वर्षीय बेटे के नदी में डूबने से मौत की खबर मिली. बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे.
नदी किनारे विद्यालय, बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
घटना ने विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के आसपास नदी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. नदी के आसपास कई स्थानों पर गहरे पानी के कारण खतरा बना रहता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से सुंदर नदी के संवेदनशील और गहरे स्थानों को चिह्नित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाने, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने तथा बच्चों की आवाजाही वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते नदी के खतरनाक स्थानों की पहचान कर सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किये गये, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं. अंकुश की मौत ने एक परिवार को गहरे सदमे में डालने के साथ-साथ विद्यालय और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.
