हनवारा थाना क्षेत्र के हसन करहरिया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-2 पर रविवार को झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. बैठक में सेविकाओं ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ देने और सेवानिवृत्ति के समय पांच लाख रुपये सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि उनके मानदेय का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाये. सेविकाओं ने बीएलओ कार्य से मुक्त करने, एफआरएस व्यवस्था समाप्त करने और पोषाहार की राशि बाजार दर के अनुसार उपलब्ध कराने की मांग उठायी. इसके साथ ही अग्रिम राशि समय पर देने और हर महीने मानदेय एवं पोषाहार राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. बैठक में सेविकाओं ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और महिला पर्यवेक्षिका पद पर पदोन्नति वरीयता के आधार पर करने की भी मांग रखी. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से केवल आईसीडीएस विभाग के कार्य ही लिए जायें, ताकि वे अपने विभागीय दायित्वों को बेहतर ढंग से निभा सकें. बैठक में प्रमंडलीय अध्यक्ष माला देवी, जलसहिया अध्यक्ष तमन्ना खातून, ग्रामीण अध्यक्ष अमृता ठाकुर, बसंतराय अध्यक्ष रेखा देवी, प्रदेश सचिव अनीसा बानू, जिला संयोजक जीच्छू दास, मो. लुकमान, महागामा अध्यक्ष ऊषा देवी, बीबी शाहिस्ता खातून, बीबी सोगरा खातून सहित कई सेविका-सहायिकाएं मौजूद थीं.
सेविकाओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर किया विचार-विमर्श
हसन करहरिया आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविकाओं की मांगों पर बैठक
