महागामा अंचल क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध बालू खनन पर लगाम कसने की दिशा में प्रशासनिक पहल की है. महागामा अंचल के चार प्रमुख बालू घाटों सकररामपुर, विश्वासखानी, नरोत्तपुर और कलाडुमरिया की सीमा को चिह्नित कर सूचना बोर्ड लगाया गया है. ये सभी घाट ग्राम पंचायत विश्वासखानी के अंतर्गत आता है. बोर्ड पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ये घाट कैटेगरी-1 के अंतर्गत आता है और बिना वैध अनुमति के यहां से बालू उठाव करना पूरी तरह अवैध है. अंचल अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गयी है. उन्होंने कहा कि बालू उठाने वाले व्यक्ति या समूह यदि बिना अनुमति कार्य करते हैं, तो पंचायत की रिपोर्ट के आधार पर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कदम का स्थानीय ग्रामीणों ने खुले दिल से स्वागत किया है. उनका मानना है कि इससे न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगेगा, बल्कि क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन भी बनाये रखने में मदद मिलेगी.
एनजीटी में जाने के बाद रेस हुआ महागामा प्रशासन
मालूम हो कि महागामा के इन घाटों से बेतरतीब बालू उठाव का मामला एनजीटी में भेजा गया है. याचिकाकर्ता द्वारा इस मामले में जिले के कई अधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया गया है. पूरे मामले में अवैध खनन का जिक्र किया गया है, जिसके बाद डीसी के निर्देश पर महागामा प्रशासन बालू के अवैध उठाव के मामले में रेस हो गया. दो दिन पहले डीएमओ के कहने पर खनन निरीक्षक व महागामा सीओ जांच करने गये थे. इसके बाद शुक्रवार को इन घाटों पर बोर्ड लटकाया गया है.गोड्डा, बसंतराय व पथरगामा के कई घाटों पर पूर्व में बरती गयी है सख्ती
हालांकि बालू उठाव को लेकर पूर्व में ही सख्ती की गयी थी. गोड्डा के कई डिपो पर निशाना साधते हुए डीएमओ द्वारा केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा बसंतराय में गेरूवा नदी सनौर पर भी डंप में कार्रवाई की गयी है. साथ ही पथरगामा के सनातन घाट पर भी डीसी के स्तर से शिकंजा कसे जाने का काम किया गया है. जिले में हाल के दिनों में बालू उठाव पर सख्ती बरती गयी है.
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