रैयतों की मांगों को लेकर यूनियन का राजमहल परियोजना प्रबंधन को अल्टीमेटम प्रतिनिधि, बोआरीजोर यूनाइटेड ऑल वर्कर्स यूनियन के एरिया सचिव रामजी साह ने राजमहल कोल परियोजना के क्षेत्रीय महाप्रबंधक ए एन नायक को ज्ञापन सौंपकर जमीन दाताओं और रैयतों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि राजमहल परियोजना क्षेत्र के जमीन दाताओं के सहयोग से कोयला खनन और डिस्पैच कर करोड़ों रुपये का मुनाफा अर्जित कर रही है, लेकिन जमीन दाताओं की समस्याओं के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है. रामजी साह ने कहा कि परियोजना की स्थापना और विस्तार के दौरान प्रबंधन ने रैयतों को कई आश्वासन देकर जमीन अधिग्रहित की थी. हालांकि अधिग्रहण के बाद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण भविष्य में परियोजना विस्तार में कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि कई रैयत मुआवजा, घर बनाने के लिए जमीन, नौकरी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार परियोजना कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है. इस मुद्दे पर अनुमंडल कार्यालय महागामा में एसडीओ के नेतृत्व में 6 मार्च 2025 और 16 अक्टूबर 2025 को परियोजना प्रबंधन, रैयत एवं यूनियन नेताओं के बीच वार्ता भी हुई थी, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई. यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगों के समाधान नहीं होने पर 22 जून को एरिया कार्यालय के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.
जमीनदाताओं की समस्या का समाधान नहीं होने पर 22 से धरना-प्रदर्शन: एरिया सचिव
यूनाइटेड ऑल वर्कर्स यूनियन ने राजमहल कोल परियोजना के प्रबंधन को जमीन दाताओं और रैयतों की समस्याओं के समाधान के लिए अल्टीमेटम दिया है। जमीन दाताओं को मुआवजा, जमीन, नौकरी और मूलभूत सुविधाओं की मांग के बावजूद प्रबंधन कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे परियोजना विस्तार में दिक्कतें आ सकती हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 22 जून को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इससे प्रबंधन जीम्मेदार होगा।
