न सड़क बनी, न बदली तस्वीर: पोड़ैयाहाट के कंगला टोला में वर्षों से परेशानी

कंगला टोला में जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों को हो रही परेशानी. बरसात में हालत बदतर, बच्चों की पढ़ाई व मरीजों के इलाज पर भी असर. विकास का इंतजार.

प्रतिनिधि, पोड़ैयाहाट: पोड़ैयाहाट प्रखंड की सकरी फुलवार पंचायत अंतर्गत कंगला टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं के विकास का इंतजार कर रहा है. आदिवासी बहुल इस टोले के ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी सड़क को लेकर है. टोले तक अब तक पक्की पीसीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है.

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 100 फीट सड़क का हिस्सा कहीं-कहीं बना भी है, लेकिन लंबे समय से जर्जर हालत में है. सड़क पर बने गड्ढों और खराब रास्ते के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है.

बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल

बारिश शुरू होते ही कंगला टोला की सड़क की स्थिति और बदतर हो जाती है. जगह-जगह गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा हो जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी टोले तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है.

ग्रामीणों का कहना है कि जरूरी काम के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचना भी बरसात में किसी चुनौती से कम नहीं रहता.

बच्चों की पढ़ाई से मरीजों तक पर असर

सड़क की बदहाली का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है. खराब रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. वहीं किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल या मुख्य सड़क तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है.

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की खराब स्थिति के कारण जरूरी सामान लाने-ले जाने में भी अतिरिक्त परेशानी होती है.

आदिवासी परिवारों के बीच विकास का इंतजार

कंगला टोला में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार रहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव बना हुआ है. विकास की योजनाओं की चर्चा के बीच टोले के लोग आज भी बेहतर सड़क का इंतजार कर रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क बनने से आवागमन आसान होगा और टोला विकास की मुख्यधारा से बेहतर तरीके से जुड़ सकेगा.

ग्रामीण बोले- अब आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहिए

ग्रामीण मनोज सोरेन, नंदकिशोर सोरेन और मसुदन सोरेन समेत अन्य लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कंगला टोला में जल्द पीसीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है.

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे हैं, इसलिए अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर काम चाहिए.

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By Prabhat khabar news desk

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