बर्खास्त ठेका मजदूर ने एनटीपीसी प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

28 फरवरी तक पुनर्नियुक्ति नहीं होने पर 9 मार्च से अनिश्चितकालीन धरना की चेतावनी

मुरचा ग्राम निवासी संतोष मुर्मू, एनटीपीसी फरक्का में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे, ने मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर पुनर्नियुक्ति की मांग की है. ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया है कि वे एनटीपीसी की रेलवे लाइन परियोजना में 59 किलोमीटर से 62 किलोमीटर के बीच ठेका मजदूर के रूप में कार्य कर रहे थे. 27 जून 2025 को एक कथित झूठे मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा. बाद में न्यायालय द्वारा 7 अगस्त 2025 को उन्हें जमानत प्रदान की गयी. संतोष मुर्मू का कहना है कि रेलवे लाइन निर्माण के दौरान उनकी जमीन अधिग्रहित होने के उपरांत उन्हें नौकरी दी गयी थी. जेल जाने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. उन्होंने स्वयं को एक आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का सदस्य बताते हुए कहा कि नौकरी समाप्त होने से परिवार के भरण-पोषण में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो गयी है तथा भुखमरी की स्थिति बन गयी है. उन्होंने चेतावनी दिया है कि यदि 28 फरवरी तक पुनः नौकरी नहीं दी गयी तो 9 मार्च से परिवार सहित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी. इस संबंध में संथाल परगना औद्योगिक मजदूर संघ के सचिव सोनाराम मड़ैया ने कहा कि मजदूर की मांग उचित है. उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की और चेतावनी दिया कि मांगें नहीं मानी गयी तो मजदूर संघ आंदोलन का पुरजोर समर्थन करेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

SANJEET KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >