गोड्डा शहर के हृदयस्थली बाबा रत्नेश्वरनाथ धाम से रविवार की देर रात निकली भव्य शिव बारात ने इस वर्ष न केवल धार्मिक श्रद्धा, बल्कि कलात्मक भव्यता का भी अद्भुत परिचय दिया. शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण अघोरी कलाकारों की टोली रही. श्मशान की भस्म, गले में मुंडमाला और हाथ में डमरू लिए इन कलाकारों ने जैसे ही सड़क पर कदम रखा, दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये. कलाकारों ने भगवान शिव के तांडव स्वरूप और अघोरी साधना का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया कि लोग ठिठक कर देखने को मजबूर हो गये. पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर थिरकते अघोरियों ने शिव के स्वरूप को सजीव कर दिया. युवाओं, बच्चों और महिलाओं ने इस अनोखे प्रदर्शन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करने का विशेष प्रयास किया. शोभायात्रा बाबा रत्नेश्वरनाथ धाम से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों कारगिल चौक और हटिया चौक से होते हुए गुजरी. अघोरियों के साथ-साथ भूत-पिशाच, शेर, नंदी और विभिन्न देवी-देवताओं की सजीव झांकियां भी दर्शकों का ध्यान खींचती रहीं. जगह-जगह स्थानीय संगठनों द्वारा भक्तों के लिए शरबत, फल और महाप्रसाद की व्यवस्था की गयी थी. भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल हर मोड़ पर मुस्तैद रहे, ताकि शोभायात्रा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सके. देर रात तक चली इस शोभायात्रा का समापन मंदिर परिसर में हुआ, जहां बाबा रत्नेश्वरनाथ का विशेष श्रृंगार और महाआरती संपन्न हुई. अघोरी कलाकारों के इस जुलूस ने यह प्रमाणित कर दिया कि गोड्डा में भक्ति और कला का संगम आज भी उतना ही जीवंत है.
गोड्डा में महाशिवरात्रि पर निकली भव्य शिव बारात, श्रद्धालुओं का जुटा सैलाब
अघोरी कलाकारों की टोली ने तांडव स्वरूप का किया जीवंत प्रदर्शन
