पूर्व निर्धारित तिथि और समय के अनुसार रविवार की सुबह बलबड्डा दुर्गा मंदिर में माता रानी की प्रतिमा का विधिवत स्थापना की गयी. इस दौरान पंडित हिमांशु उपाध्याय की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता रानी को गर्भगृह में प्रवेश कराया गया. पूरे क्षेत्र का वातावरण जय माता दी के नारों से भक्तिमय हो उठा. षष्ठी तिथि के अवसर पर पंडित जी ने यजमान अरुण कुमार राम व उनकी धर्मपत्नी कदमी देवी तथा रंजन कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी सोनी देवी से माता कात्यायनी की पूजा-अर्चना करवायी. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कहलगांव लालापुर के मूर्तिकार चंदन आर्ट द्वारा एक ही मेढ़ पर सभी देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमाएं तैयार की गयी हैं, जिनका स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. माता रानी की प्रतिमा के गर्भगृह में प्रवेश के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति भाव देखते ही बन रहा था. स्थानीय श्रद्धालु इस आयोजन को दुर्गा पूजा की शुरुआत का सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीक मानते हैं.
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