गोड्डा से निरभ किशोर की रिपोर्ट
गोड्डा : गोड्डा जिले के लिए रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर है. पूर्व रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण ने महगामा-पीरपैंती नई रेल लाइन के निर्माण के लिए मेगा ई-टेंडर जारी किया है. यह टेंडर पीरपैंती-जसीडीह नई बड़ी लाइन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
टेंडर दस्तावेज के अनुसार टेंडर नंबर EPC-04-CAO-C-ER-2026 है, जिसकी अंतिम तिथि 10 दिसंबर 2026 सुबह 11:00 बजे निर्धारित की गई है. टेंडर की बोली 26 नवंबर 2026 से शुरू होगी. यह पूरी तरह ई-टेंडर होगा और मैनुअल ऑफर मान्य नहीं होगा.
सिविल वर्क से विद्युतीकरण तक होंगे काम
महगामा स्टेशन से पीरपैंती स्टेशन के बीच किलोमीटर 60 से 92.100 तक करीब 32.100 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने का काम किया जाना है. इसमें सिविल वर्क, ट्रैक बिछाने (P-Way), विद्युतीकरण, सिग्नल और टेलीकॉम से संबंधित कार्य शामिल होंगे. काम EPC मोड में सिंगल स्टेज टू पैकेट सिस्टम के तहत होगा.
531 करोड़ की लागत, 630 दिन में पूरा करने का लक्ष्य
प्रोजेक्ट की विज्ञापित लागत 531 करोड़ 3 लाख 36 हजार 856 रुपये आंकी गई है. बिडर्स को 10 करोड़ 62 लाख 6 हजार 700 रुपये अर्नेस्ट मनी जमा करना होगा. टेंडर डॉक्यूमेंट की लागत शून्य रखी गई है. काम पूरा करने के लिए 630 दिन यानी करीब 21 महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है. ऑफर की वैधता 180 दिन रहेगी. ज्वाइंट वेंचर और कंसोर्टियम दोनों को अनुमति दी गई है, जिसमें अधिकतम चार सदस्य शामिल हो सकते हैं.
प्री-बिड कॉन्फ्रेंस 9 अक्टूबर को
पूर्व रेलवे की ओर से प्री-बिड कॉन्फ्रेंस 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी. टेंडर को 10 सितंबर 2026 को अपलोड किया गया था.
रेल लाइन पूरी होने के बाद गोड्डा-महगामा क्षेत्र का सीधा जुड़ाव पीरपैंती होते हुए भागलपुर और जसीडीह-देवघर की ओर हो जाएगा. इससे गोड्डा जिले के लोगों को ट्रेनों के परिचालन में सहूलियत मिलने के साथ कोयला परिवहन और औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की वर्षों की लड़ाई अब धरातल पर उतरती दिख रही है. महगामा-पीरपैंती नई रेल लाइन के लिए पूर्व रेलवे द्वारा 531 करोड़ रुपये का मेगा टेंडर जारी होने के बाद सांसद का दावा सच के करीब पहुंचता दिख रहा है.
रघुवर सरकार के दौर से शुरू हुई थी लड़ाई
बताया जाता है कि रघुवर दास के मुख्यमंत्री रहने के दौरान महगामा से पीरपैंती तक रेल लाइन को लेकर राज्य सरकार और सांसद के बीच तकरार शुरू हुई थी. राज्य सरकार परियोजना के लिए अपनी आधी लागत देने को तैयार नहीं थी, जिसके कारण प्रोजेक्ट अधर में लटक गया था. मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा और न्यायालय का आदेश सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के पक्ष में आया.
पीयूष गोयल से पीएम मोदी तक रखी मांग
सांसद डॉ. दुबे ने वर्ष 2017 में तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष रेल लाइन की पैरवी की. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर गोड्डा-महगामा-पीरपैंती रेल लाइन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी.
बताया जाता है कि इसके बाद इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने बिना राज्य सरकार के सहयोग के संपूर्ण राशि का बजट स्वयं स्वीकृत किया.
2029 में ट्रेन से नामांकन का दावा चर्चा में
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि 2029 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के बाद वह कार्यकर्ताओं के साथ ट्रेन से गोड्डा से पीरपैंती जाएंगे.
उन्होंने वर्ष 2024 में चुनाव जीतने के बाद गोड्डा रेलवे स्टेशन से दुमका-रांची ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के दौरान कहा था कि 2029 में गोड्डा समाहरणालय में नामांकन दाखिल करने के बाद कार्यकर्ताओं के साथ ट्रेन से पीरपैंती जाएंगे और वहां चाय-नाश्ता करने के बाद वापस गोड्डा लौटेंगे.
अब पूर्व रेलवे द्वारा टेंडर जारी होने और 630 दिन यानी 2028 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखे जाने से सांसद का यह दावा सच के करीब दिख रहा है. तय समय पर काम पूरा होने पर गोड्डा से महगामा होते हुए पीरपैंती तक सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी.
