दलदली में 13 सितंबर की ‘दिशोम बैसी’ पर रोक, विधि-व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी व पुलिस बल तैनात

गोड्डा में 13 सितंबर को होने वाली आदिवासियों की पारंपरिक सामाजिक बैठक ‘दिशोम बैसी’ पर प्रशासन ने रोक लगा दी है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती का आदेश जारी किया गया है.

गोड्डा : एसडीओ कार्यालय गोड्डा ने ग्राम दलदली में 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली पारंपरिक सामाजिक बैठक ‘दिशोम बैसी’ को अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अनुमंडल दंडाधिकारी ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है.

क्या है ‘दिशोम बैसी’ की बैठक

मुख्यतः दिशोम बैसी आदिवासी समाज में एक बड़ा पंचायत है, जिसमें समाज के सैकड़ों और हजारों की संख्या में लोग पंचायत कर एक बड़ा निर्णय के बाद आरोपी के खिलाफ बिठलाहा को अंजाम दिया जाता है. इसमें घर आदि को क्षति के अलावा बड़ी घटना को भी अंजाम दिया जाता है.

क्या है मामला

प्राप्त आदेश के अनुसार श्री मुंशी मरांडी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा आवेदन देकर बताया गया था कि दुबाय मरांडी, पिता स्व. सुराय मरांडी, ग्राम दलदली, थाना मुफस्सिल, गोड्डा को उनके ही निजी भाई एवं भाभी द्वारा षड्यंत्र अथवा साजिश कर और पैसा एवं पहुंच के बल पर बेदखल किया जा रहा है और पिछले 20 वर्षों से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से शोषण किया जा रहा है.

ग्राम के रैयतों ने कई बार संताल समाज की सामाजिक पारंपरिक बैठक कर सुलह की कोशिश की, लेकिन विपक्षी पार्टी किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुई और दलदली गांव के सोलह आना रैयतों के फैसले को नहीं माना. उल्टे बैठक करने वाले निर्दोष गांव वालों जैसे पट्टा प्रधान, नायकी मांझी बाबा, मोड़े होड़ अध्यक्ष, ग्रामीण पांचों एवं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि और वार्ड सदस्यों पर राजनीतिक साजिश कर झूठा केस दर्ज करा दिया गया.

इसके बाद आस-पास के 8-10 गांवों के मांझी बाबा, प्रधान एवं मोड़े होड़ द्वारा 13.09.2026 को दलदली गांव के फुटबॉल मैदान में वृहत पारंपरिक सामाजिक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया था और इसके लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था.

थाना प्रभारी की रिपोर्ट पर फैसला

इस संबंध में अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मुफस्सिल से संयुक्त जांच प्रतिवेदन मांगा गया था. थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना गोड्डा ने अपने डीओआर नं 2711 दिनांक 10.09.2026 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया. प्रतिवेदन में कहा गया कि मौके पर जाकर पूछताछ करने पर पता चला कि आवेदक के भाई एवं भौजाई द्वारा बेदखल किया जा रहा है.

संथाल समाज की बैठक ‘दिशोम बैसी’ में करीब दो हजार से ज्यादा आदिवासी संख्या में जुटेंगे और काफी भीड़ रहने के कारण कभी भी खून-खराबा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसलिए अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया गया था.

उपरोक्त तथ्यों के आलोक में अनुमंडल दंडाधिकारी गोड्डा ने दिनांक 13.09.2026 को ग्राम दलदली में आयोजित ‘दिशोम बैसी’ बैठक की अनुमति नहीं दी और आवेदक को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात

विधि-व्यवस्था संधारण हेतु दिनांक 13.09.2026 को ग्राम दलदली में सशस्त्र बल के साथ दंडाधिकारी के रूप में मगरूव अहमद, सहायक अभियंता, गोड्डा प्रखंड और श्री मुन्ना कुमार, कनीय अभियंता, गोड्डा प्रखंड को प्रतिनियुक्त किया गया है.

साथ ही थाना प्रभारी मुफस्सिल थाना को निर्देश दिया गया है कि ग्राम दलदली में ‘दिशोम बैसी’ की बैठक नहीं हो, इसे सुनिश्चित कराया जाए.

इस आदेश की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और उपायुक्त गोड्डा को सूचनार्थ भेजी गई है. पुलिस अधीक्षक गोड्डा से अनुरोध किया गया है कि प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त पुलिस बल, महिला बल सहित उपलब्ध कराएं.

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By Prabhat khabar news desk

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