अविनाश सिंह, गोड्डा: गोड्डा नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों नलों से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी निकलने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. सबसे खराब स्थिति वार्ड संख्या 21 और 15 की बतायी जा रही है. पिछले कई दिनों से इन वार्डों के घरों में मटमैला और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन में कई जगह लीकेज होने के कारण नाली का गंदा पानी पाइप में मिल रहा है. यही दूषित पानी नलों के माध्यम से घरों तक पहुंच रहा है. लोगों का कहना है कि पानी की स्थिति ऐसी है कि उसे पीने के साथ-साथ घरेलू उपयोग में लाना भी मुश्किल हो गया है.
गंदे पानी से बीमारी का डर, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी चिंता
दूषित पानी के कारण स्थानीय लोगों में जलजनित बीमारियों को लेकर डर बना हुआ है. लोगों का कहना है कि गंदे पानी के इस्तेमाल से खुजली, डायरिया, पीलिया और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गयी है. कई लोग मजबूरी में बाजार से पानी खरीद रहे हैं, जबकि कुछ परिवार चापाकल से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं.
पाइपलाइन लीकेज बना परेशानी की बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन में कई स्थानों पर लीकेज है. आशंका जतायी जा रही है कि इन लीकेज वाले स्थानों से नाली का पानी पाइप में प्रवेश कर रहा है. इसके चलते नलों से मटमैला और दुर्गंधयुक्त पानी निकल रहा है.
लोगों ने संबंधित विभाग से पाइपलाइन की जांच कर लीकेज वाले स्थानों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है.
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
वार्ड पार्षद वेद प्रताप ठाकुर और साहिल मेहरा ने आरोप लगाया कि गंदे पानी की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक पाइपलाइन की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
पार्षदों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही से बड़ी स्वास्थ्य समस्या पैदा हो सकती है.
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
दूषित पानी की समस्या से परेशान स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत कर साफ पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं की गयी, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर समस्या की वास्तविक वजह का पता लगाए और तत्काल स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करे.
