पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के घनश्यामपुर गांव में दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शनिवार की रात अचानक हंगामा शुरू हो गया. कुछ मनचले युवकों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर मंच पर चढ़ने का प्रयास किया. एएसआई मुकेश कुमार व चौकीदारों ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन 15 से 20 युवकों की भीड़ ने बांस के बल्ले से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. इस घटना में एएसआई को आंख व बाएं हाथ में चोट लगी, जबकि चौकीदार सोनू कुमार और राजीव कुमार भी घायल हुए. पोड़ैयाहाट थाना में एएसआई के बयान के आधार पर 10 नामजद व 20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. गिरफ्तार अभियुक्तों में बिहार के बांका जिले के सुजानटीकर गांव के आशीष यादव, अशोक पंजियारा, दिनेश पंजियारा, बबलू यादव, सुशील यादव तथा स्थानीय क्षेत्र के शिवम कुमार व मनीष यादव शामिल हैं. तीन अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है. प्रशासनिक लापरवाही व पीस कमेटी के निर्णयों की अनदेखी गोड्डा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पूजा के दौरान पीस कमेटी की बैठकें होती हैं, जिनमें डीजे व अन्य कार्यक्रमों पर नियंत्रण हेतु सहमति बनायी जाती है. बावजूद इसके इन नियमों का पालन नहीं हो रहा. डीजे की तेज आवाज में युवा मस्ती करते हैं और आवश्यक प्रतिबंध दरकिनार हो रहे हैं. घनश्यामपुर की घटना इसी विफलता की परिणति है, जहां आयोजनकर्ताओं को आवश्यक नियमों के पालन के बिना कार्यक्रम करने दिया गया. भजन और भक्ति संगीत के बाद रंगारंग गीत-नृत्य से विवाद बढ़ा. पूजा कमेटी के वॉलंटियरों की जिम्मेदारी न निभाने को भी भगदड़ की बड़ी वजह माना जा रहा है. स्थानीय बुद्धिजीवियों ने प्रशासन से मांग किया है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाये, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे.
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