बसंतराय. धान का कटोरा कहा जाने वाला प्रखंड और प्रखंड क्षेत्र के बेलडीहा पंचायत अंतर्गत रनसी गांव के पास सुंदर डांड़ में नेगड़ी कोल बांध को कई दशकों से किसान श्रमदान कर खेतों का सिंचाई का कार्य करते आ रहे हैं. इस बांध को श्रमदान से बांध कर किसान रनसी, अमरपुर, परबत्ता, बिशनुदासचक, बेलडीहा एवं महगामा प्रखंड के आसपास के आधे दर्जन गावों के किसान सिंचाई का कार्य किया करते हैं. गरीब किसान अपना पैसा खर्च करके हर वर्ष श्रमदान से बांध को चदरा, बांस एवं मिट्टी से बांध बांधकर कर सिचाई का कार्य किया करते हैं. किसानों को सिंचाई करने में अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हर वर्ष किसान हजारों रुपये खर्च कर बांध को बांधते हैं. पर किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस दिशा में स्थायी समाधान का प्रयास नहीं किया जा रहा है, जिससे यहां के किसानों में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है. किसान मो खलील, महफूज आलम मो खुर्शीद आलम, सेराजुल हक, सिकंदर पासवान, अब्दुल रसीद, मो मेराज, मो चुलहाय, मो अहमद, कारू पासवान, मो कलीम, प्रभू साह, दिलीप पासवान, मो हदीस आदि ने कहा कि प्रत्येक वर्ष श्रमदान से 25 से 30 हजार रुपये खर्च कर बांध को बांध कर खेत की सिंचाई करते हैं. कई बार इस समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि को आवगत भी कराया गया है. मगर आज तक किसी ने भी इस दिशा में ठोस पहल नहीं किया है. किसानों ने बताया कि यहां पर चेकडैम का निर्माण होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों का लगभग 15 सौ एकड़ जमीन की सिंचाई आसानी से होगी. किसानों ने जिला प्रशासन से चेक डैम निर्माण कराने की मांग की.
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