गोड्डा ब्लड सेंटर में रक्त की आवश्यकता के अनुपात में संग्रह नहीं - A

हर माह 46 से 68 थैलेसेमिया रोगियों को होती है रक्त की जरूरत

गोड्डा ब्लड सेंटर में जिस अनुपात में मरीजों को रक्त की आवश्यकता होती है, उस अनुपात में रक्त का संग्रह नहीं हो पा रहा है. प्रशासनिक प्रयासों का कोई असर नहीं होने के कारण रक्त की उपलब्धता को लेकर हमेशा एक भय की स्थिति बनी रहती है कि कहीं जरूरत के समय संबंधित किसी रेयर ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध हो पाएगा या नहीं. हर महीने सबसे अधिक रक्त दो स्तरों पर दिया जाता है – एक थैलेसीमिया, सिकल सेल के मरीजों को तथा महिलाओं के प्रसव और दुर्घटनाओं से जुड़े रोगियों के उपचार में. वर्तमान में गोड्डा सदर अस्पताल के ब्लड सेंटर में मात्र 29 यूनिट रक्त जमा है. दो दिन पहले प्राइवेट स्तर पर ब्लड डोनेशन कैंप के माध्यम से प्राप्त 21 यूनिट रक्त के कारण यह संख्या दो अंकों में बनी हुई है. सदर अस्पताल में तीन माह के दौरान लगभग 150 महिलाओं को रक्त चढ़ाया गया, वहीं महिला रक्त दाताओं की संख्या केवल 4 से 5 बताई जा रही है.

प्राइवेट कैंप से ज्यादा संग्रह

ब्लड सेंटर में सबसे अधिक रक्त प्राइवेट स्तर पर आयोजित ब्लड डोनेशन कैंपों के माध्यम से प्राप्त हो रहा है. हाल ही में स्वामी विवेकानंद अनाथ आश्रम से 21 यूनिट, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट से 14, गोड्डा कॉलेज से 4, लमटिया संत लूकस अस्पताल से 25, और अन्य प्राइवेट संस्थानों से 27 यूनिट रक्त प्राप्त हुआ है.

डीसी की पहल पर ब्लड डोनेशन कैंप का कैलेंडर, फिर भी संग्रह में कमी

डीसी की पहल पर सीएस द्वारा हर माह सरकारी विशेषकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए ब्लड डोनेशन कैलेंडर बनाया गया है. बावजूद इसके कैंप के दौरान रक्तदान की स्थिति बेहतर नहीं दिख रही है. वर्ष 2024 में ब्लड सेंटर, गोड्डा में कुल 2715 यूनिट रक्त संग्रह हुआ था. इनमें से 2629 यूनिट रक्त जरूरतमंदों को दिया गया.

रेड क्रॉस की मासिक रक्तदान व्यवस्था ठप

पिछले कई वर्षों से जिला रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा हर माह की 8 तारीख को ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया जाता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यह कार्यक्रम भी पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे रक्त संग्रह में लगातार कमी आई है.फिलहाल ब्लड सेंटर में रक्त की कमी है, लेकिन जरूरतमंदों के लिए 29 यूनिट मौजूद हैं. लोगों से आग्रह है कि वे आगे आएं और रक्तदान कर दूसरों की विषम परिस्थितियों में मदद करें.

– मिलन नाग, लैब टेक्नीशियन, ब्लड सेंटर गोड्डाB

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Author: SANJEET KUMAR

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