बोआरीजोर: ईसीएल के तकनीकी निदेशक चितरंजन कुमार ने राजमहल कोल परियोजना का दौरा कर विभिन्न खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने तालझारी, बसडीहा, लौंहाडिया खनन क्षेत्र, आरसीएमएल साइड, बीएलएस साइड एवं डीप माइनिंग क्षेत्र का जायजा लिया.
जीरो दुर्घटना के लक्ष्य के साथ करें खनन
निरीक्षण के दौरान तकनीकी निदेशक चितरंजन कुमार ने अधिकारियों और कर्मियों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए खनन कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जीरो दुर्घटना का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने से हादसों की संभावना को काफी कम किया जा सकता है. खनन कार्य में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया.
नवनिर्मित सीएचपी का लिया जायजा
तकनीकी निदेशक ने नवनिर्मित सीएचपी का भी निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राजमहल परियोजना ईसीएल की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है और ईसीएल के अधिकतम कोयला उत्पादन में इसकी अहम भूमिका है. राजमहल परियोजना लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए कोयला उत्पादन में अपना परचम लहरा रही है.
वर्कशॉप में मशीनों के रखरखाव पर दिया जोर
परियोजना के वर्कशॉप का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मशीनों के रखरखाव को बेहतर बनाने का निर्देश दिया. इसके अलावा परियोजना के सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर पुनर्वास एवं विस्थापन से संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी ली.
पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश
तकनीकी निदेशक ने पुनर्वास स्थलों पर विस्थापित परिवारों को सभी जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही कोयला उत्पादन और डिस्पैच में बढ़ोतरी पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से राजमहल परियोजना वर्तमान कोयला उत्पादन लक्ष्य को निश्चित रूप से पूरा करेगी.
दौरे के दौरान परियोजना के क्षेत्रीय महाप्रबंधक ए.एन. नायक ने तकनीकी निदेशक चितरंजन कुमार को बुके देकर सम्मानित किया. मौके पर महाप्रबंधक परिचालन दिनेश शर्मा, प्रोजेक्ट ऑफिसर ओ.पी. चौधरी, इंद्रजीत शर्मा, पीके झा, जीके सिंह, पी वर्णवाल, पीके यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. सभी ने उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के साथ सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया.
