पथरगामा प्रखंड के सोनारचक पंचायत अंतर्गत तेतरीया टीकर गांव में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग के समापन में स्वामी राजनाथ महाराज ने कहा कि सत्संग से ईश्वर के स्वरूप का ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है. कहा कि बुद्धि योग के माध्यम से ही संतमत सत्संग का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि संतमत सत्संग से अच्छे, बुरे कार्यों के परिणाम की शिक्षा मिलती है. पुण्य कर्म, पाप कर्म के बीच के अंतर को भी आसानी पूर्वक समझा जा सकता है. कहा कि सत्संग करने से बुद्धि का विकास होता है. साथ ही बच्चे संस्कार सीखते हैं. कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्संग में लीन रहना चाहिए, तभी मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है. कहा कि दुराचारी भी अगर सत्संग में आकर सच्चे मन से संतों की बात सुने तो उसके व्यवहार और विचार बदल सकते हैं. मौके पर नन्दलाल मंडल के अलावा महिला पुरुष भक्त श्रद्धालु सत्संग के आयोजन में मौजूद थे.
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