सोने-चांदी की कीमत बढ़ने से कारोबारी व ग्राहकों में निराशा

धनतेरस में सात दिन शेष, ज्वेलरी दुकानों में नहीं हो रही आभूषण की बुकिंग

गोड्डा. सोना-चांदी के भाव में बेतहाशा हो रहे वृद्धि की वजह से न केवल आम लोग इससे दूर हो रहे हैं. बल्कि इसकी वजह से सर्राफा बाजार भी प्रभावित हो रहा है. हालत यह है कि 18 अक्तूबर को धनतेरस के आने से पहले ज्वेलरी दुकानों पर लगने वाली ग्राहकों की भीड़ कम दिख रही है. सर्राफा कारोबारियों की मानें तो सोने के दाम में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 10 हजार रुपये से अधिक की बढोतरी हुई है. गोड्डा में 24 कैरेट सोने प्रति 10 ग्राम का दाम करीब 1.26 लाख है. सोना-चांदी के दाम में हर दिन हो रही वृद्धि से सर्राफा बाजार प्रभावित हुआ है. त्योहार के सीजन में ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहक की भीड़ नहीं देखी जा रही है. आम तौर पर चांदी को सोने के विकल्प के तौर पर देखा जाता है. चांदी को कम आय वाले के आभूषण के रूप में जाना जाता है. मगर हाल के दिनों में जिस रफ्तार से चांदी का दाम बढ़ रहे हैं, उससे साफ लग रहा है कि वो दिन दूर नहीं जब यह भी आम लोगों से दूर हो जाये. शनिवार को चांदी का दाम करीब 1.65 लाख रुपए प्रति किलोग्राम है. गोड्डा के आभूषण दुकानदार विनोद सोनी कहते हैं कि पिछले दो महीने से सर्राफा व्यवसाय प्रभावित हुआ है. दुकान पर ग्राहक नहीं के बराबर आ रहे हैं. ऐसे में एक तरफ बैंक लोन का प्रेशर है, वहीं दूसरी तरफ दुकान के कर्मचारी का भुगतान से लेकर किराया व मेंटनेंस की चिंता है, जब बिक्री ही नहीं होगी तो आखिर कैसे व्यवसाय चलेगा. अधिकांश सर्राफा कारोबारियों की हालत खराब हो रही है. दुकानों पर आभूषण खरीदने इक्के-दुक्के लोग मौजूद थे. लोगों का कहना है कि सामान्य आदमी से सोना दूर हो रहा है. शादी विवाह के मौके पर सोना खरीदने की परंपरा रही है, लेकिन आज घर द्वार भी बेच दें तो उसे नहीं पूरा कर सकते हैं. सरकार को चाहिए कि अन्य सामानों की तरह इसपर भी जीएसटी कम करे. इसके साथ ही इसके दाम पर भी अंकुश लगाया जाये.

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Author: SANJEET KUMAR

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