गोड्डाः समाहरणालय सभागार में DC लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. जिसमें महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों तथा लाभुकों को किए जा रहे भुगतान की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई. मौके पर बैठक में DC ने आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान, किशोरी सशक्तिकरण योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की प्रखंडवार प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र लाभुक को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
66,280 सक्रिय बच्चों में से 8,230 बच्चों का आधार सत्यापन उपलब्ध
उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए. डीसी ने योजनाओं के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निरीक्षण, आधार सत्यापन तथा डीबीटी के माध्यम से होने वाले भुगतान की सतत मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया. साथ ही लाभुकों के बैंक खातों में आने वाली तकनीकी या अन्य त्रुटियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बैठक में आधार आधारित छात्र ट्रैकिंग एवं अपार आइडी निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि जिले में 66,280 सक्रिय बच्चों में से 8,230 बच्चों का आधार सत्यापन उपलब्ध है, जिनमें 6,697 बच्चों की अपार आईडी बनायी जा चुकी है.
इस प्रकार अपार आईडी निर्माण की प्रगति 81.37 प्रतिशत दर्ज की गई है. डीसी ने कम प्रगति वाले प्रखंडों में विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए. बैठक में सुंदरपहाड़ी एवं बोआरीजोर प्रखंडों में कुपोषण की स्थिति में सुधार, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रभावी संचालन की भी समीक्षा की गई. बैठक में डीडीसी श्रीकांत यशवंत, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेंब्रम सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
संकटग्रस्त बच्चों की समय पर पहचान कर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश
जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक बुधवार को समाहरणालय सभागार में डीसी लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक में किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित मामलों की प्रगति पर चर्चा की गई. डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संकटग्रस्त, अनाथ, परित्यक्त एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता, संरक्षण एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र बच्चे को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
डीसी ने बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस, शिक्षा, श्रम, समाज कल्याण तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. बैठक में चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने तथा सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए. साथ ही विद्यालयों एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों एवं अभिभावकों को उनके अधिकारों तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने पर बल दिया गया. डीसी ने जिला बाल संरक्षण संस्थानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा वहां रह रहे बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए.
