कोल इंडिया मजदूर के हक व अधिकार को समाप्त करने की हो रही कोशिश : भट्टाचार्य

श्रम कोड के खिलाफ सीटू ने खोला मोर्चा, राजमहल कोल परियोजना में पीट मीटिंग

राजमहल कोल परियोजना स्थित ओसीपी कार्यालय के हाजिरी घर के समीप शुक्रवार को सीटू यूनियन द्वारा एक पीट मीटिंग आयोजित कर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया. बैठक को संबोधित करते हुए जेबीसीसीआई सदस्य सुजीत भट्टाचार्य ने कहा कि कोल इंडिया की नीतियां मजदूर विरोधी हैं और केंद्र सरकार मजदूरों का शोषण कर रही है. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे चार श्रम कोड को काला कानून बताया और कहा कि ये कोड मजदूरों के हक और यूनियनों की ताकत को खत्म करने की साजिश है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि इस कानून के लागू होने से मजदूर आंदोलन करने में भी असमर्थ हो जाएंगे. उन्होंने सभी संगठित और असंगठित मजदूरों से एकता बनाकर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि राजमहल परियोजना एक बड़ी परियोजना है, इसे बचाने के लिए मजदूरों को संगठित होकर आगे आना होगा. ठेका मजदूरों को एचपीसी दर से मजदूरी दिए जाने और प्रभावित ग्रामीणों को मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं देने की भी मांग की गयी. बैठक में संघ अध्यक्ष प्रमोद हेंब्रम, सचिव खगेंद्र महतो, उप सचिव महेंद्र हेंब्रम, प्रेम मुर्मू, संतोष किस्कू, आसित कुमार, संतलाल लोहार, परमेश्वर बास्की सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे. सभा के दौरान मजदूरों ने एकजुटता की शपथ ली और भविष्य में आंदोलन को तेज करने का संकल्प जताया.

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Author: SANJEET KUMAR

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