प्रतिनिधि, पथरगामा : प्रखंड के आदर्श ग्राम पंचायत बोहा के पत्थलचट्टी गांव में बोहा पंचायत की मुखिया सोनी देवी की पहल पर 15वें वित्त आयोग की राशि से निर्माणाधीन सोलर पानी टंकी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. प्राक्कलित राशि 2 लाख 99 हजार रुपये से बन रही 2000 लीटर क्षमता वाली इस पानी टंकी के लिए पत्थलचट्टी के ग्रामीणों ने अलग से बोरिंग कराने की मांग की है.
चापाकल में समरसेबल लगाने की जानकारी पर ग्रामीणों ने जतायी आपत्ति
स्थानीय ग्रामीण व युवा समाजसेवी राकेश यादव, श्रवण यादव, पिंटू यादव, वीरेंद्र यादव, गंधारी यादव सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार नया जलमीनार बना रही है तो उसके लिए नया बोरिंग भी होना चाहिए. ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य करा रहे संवेदक से जानकारी मिली है कि निर्माणाधीन सोलर पानी टंकी के बगल में लगे चापाकल में ही समरसेबल लगाकर टंकी को जोड़ा जाएगा.
चापाकल खराब हुआ तो जलमीनार भी पड़ सकता है बंद
ग्रामीण. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा करने से कई तरह की परेशानियां होंगी. चापाकल खराब होने पर टंकी भी बंद हो जाएगी और पानी के लिए हाहाकार मचेगा. साथ ही ग्रामीणों के पेयजल का एकमात्र सहारा छिन जाएगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर नए बोरिंग की व्यवस्था करने की मांग की है.
अलग बोरिंग के लिए प्राक्कलन में फंड नहीं
मुखिया. इस संबंध में बोहा पंचायत की मुखिया सोनी देवी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सोलर पानी टंकी के लिए जो प्राक्कलित राशि उपलब्ध कराई गई है, उसमें अलग से बोरिंग करने का फंड नहीं है. उन्होंने कहा कि जहां भी पानी टंकी का निर्माण होता है, वहां बगल के चापाकल में ही समरसेबल फिट करके सोलर जलमीनार को चालू किया जाता है.
चापाकल और जलमीनार दोनों चालू रहने का दावा
मुखिया ने कहा कि चापाकल में समरसेबल फिट करने से पानी टंकी भी चालू रहेगी और चापाकल भी चालू रहेगा. इससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी.
