ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अमरपुर पंचायत के कजरैल के खररा नदी से नवनिर्मित मंदिर में बजरंगबली के प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को लेकर मंदिर परिसर से हाथी-घोड़े व गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गयी. यात्रा मंदिर परिसर का परिक्रमा करते हुए कजरैल स्थित मां दुर्गा मंदिर प्रांगण पहुंचा, जहां मंदिर का परिक्रमा करते हुए नयाचक गांव होकर बभनिया, कोलबड्डा होते हुए महुआरा शिव मंदिर का परिक्रमा कर पुनः यात्रा कजरैल नदी पहुंची. इस क्रम में वाराणसी से पधारे आचार्य शंकराचार्य जी महाराज द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ कलश में जल भरा गया. पुनः यात्रा पिताम्बरकित्ता होते हुए मंदिर परिसर लाया गया. यात्रा में 1001 कन्याओं व महिलाओं ने भाग लिया. इस दौरान जगह-जगह यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए शरबत व पानी की समुचित व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही थी. यात्रा में शामिल श्रद्धालु जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे. पूरा यात्रा जय श्रीराम के नारे से गूंज रहा था. यात्रा में कहलगांव के बिहार से रथ मंगायी गयी थी. रथ पर विराजमान आचार्य के साथ गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. यात्रा की कतार इतनी लंबी थी कि घंटों तक उक्त मार्ग में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद रहा. पूरे यात्रा को ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी. गांव में कलश यात्रा व भागवत कथा के आयोजन को लेकर पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है. कमेटी के अध्यक्ष सह पंचायत के पूर्व मुखिया अशोक कुमार महतो, सचिव संतोष महतो, कोषाध्यक्ष अर्जुन यादव ने बताया कि कलश यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को वापसी के दौरान महाप्रसाद के रूप में हलवा ग्रहण कराया गया. शाम के चार बजे से 24 घंटे तक इस परिसर में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन होगा व 26 को पूरे विधि-विधान के साथ प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इसको लेकर आसपास के पूरे गांव में काफी उत्साह का माहौल बना हुआ है. इस दौरान मूर्ति दाता जगरनाथ पोद्दार धर्मपत्नी श्यामा देवी, पप्पू चौबे, महेश मंडल, राजेंद्र महतो, कन्हाई महतो, शिवनारायण महतो सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे. ठाकुरगंगटी थाना प्रभारी राजीव कुमार द्वारा विधि व्यवस्था बनाये रखने को लेकर यात्रा की निगरानी की जा रही थी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
