गोड्डा जिले में बिजली व्यवस्था की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गयी है. आसमान में बादल छाते ही या हल्की हवा चलने पर पूरे जिले की बिजली बंद हो जाती है. सोमवार देर शाम भी जिले के कई इलाकों में हल्की आंधी के चलते घंटों बिजली गुल रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुनियादी ढांचा विभाग हर साल मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन नतीजा शून्य है. गर्मी और उमस के बीच बिजली कटने पर घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे जाते हैं, जिससे बुजुर्ग और बच्चे परेशानी में हैं. छोटे दुकानदारों और ऑनलाइन काम करने वाले युवाओं का काम ठप हो जाता है. बिजली न रहने से मोटर नहीं चल पाते, जिससे कई मोहल्लों में पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है. उपभोक्ताओं चंद्रशेखर महतो, मिट्ठू ठाकुर, महेन्द्र साह, सिद्धार्थ कुमार आदि का कहना है कि थोड़ी तेज हवा चलने पर विभाग तुरंत पावर कट कर देता है और घंटों बाद बिजली लौटती है. बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर कहते हैं कि आंधी में पेड़ गिरने या तार टूटने के कारण बिजली बंद हुई है, जिसकी मरम्मत में समय लगता है. हालांकि जनता सवाल करती है कि हल्की हवा में ही तार क्यों टूट जाते हैं और क्या मानसून से पहले का प्री-मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित था. गोड्डा के निवासियों की जिला प्रशासन से मांग है कि जर्जर तारों को बदला जाये और तकनीकी खामियों को दूर किया जाये, ताकि हल्की आंधी-बारिश में लोगों को घंटों ब्लैक आउट का सामना न करना पड़े.
गोड्डा में बिजली व्यवस्था की बदहाली से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त
हल्की आंधी व बारिश खोल देती है बिजली विभाग की पोल
