महुवारा में वैष्णव पद्धति से आयोजित होती है दुर्गा पूजा

2016 में कराया गया भव्य मंदिर का निर्माण

महागामा के महुवारा दुर्गा मंदिर में 1984 से चैती नवरात्र पर वैष्णव पद्धति से दुर्गा पूजा सह मेला का आयोजन हो रहा है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन महुवारा चैती दुर्गा मंदिर में विधिपूर्वक पूजन कर कलश स्थापित की गयी. मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गयी एवं शाम में आरती वंदना का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, महुवारा दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद झा ने बताया कि महुवारा में 1984 से चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा अर्चना वैष्णव पद्धति से की जाती है. तत्कालीन समय में टेंट के अंदर यमुना प्रसाद लाल द्वारा मां दुर्गा की पूजा अर्चना की गयी. 2016 में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. पंडित अरविंद झा ने बताया कि इस वर्ष भी विधिपूर्वक मां दुर्गा की आराधना की जा रही है, जहां सप्तमी पूजा को मां दुर्गा के प्रतिमा का चक्षु दान, नव पत्रिका पूजन, गर्भ गृह प्रवेश प्राण प्रतिष्ठा पूजन, रात्रि में कालरात्रि महायोगिनी व भैरव पूजन के साथ अखंड दीप जलाया जाएगा. अष्टमी पूजा को मनोकामना सिद्धि डाला पूजन किया जाएगा. नवमी को पूजा अर्चना कर कुंवारी भोजन का कार्यक्रम होगा. विजयदशमी को मां दुर्गा की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना के बाद कलश विसर्जन एवं योगिनी, भैरव विसर्जन किया जाएगा. शाम में सूर्यास्त के समय मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन पारंपरिक तरीके से कंधे पर श्रद्धालुओं द्वारा लेकर महुआरा तालाब में किया जाएगा. वर्तमान समय में महुवारा, महागामा के ग्रामीणों के सहयोग से पूजा-अर्चना की जा रही है, जहां नवरात्र पर पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. चैत्र नवरात्र पर बजने वाले भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया है.

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Author: SANJEET KUMAR

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