जागरूकता . रासायनिक खादों के उपयोग नहीं करने की सलाह
मिहिजाम : विश्व मृदा दिवस पर जनजातीय संध्या डिग्री महाविद्यालय में पौधरोपण तथा कार्यशाला का आयोजन किया गया. आइक्यूसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कॉलेज परिसर में छात्रों तथा शिक्षकों ने पौधरोपण किया. इस मौके पर छात्रों के बीच मानव जीवन में मिट्टी की उपयोगिता विषय पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों तथा शिक्षकों ने अपने-अपने विचारों को व्यक्त किये. प्राचार्य प्रो कृष्ण मोहन साह ने मौके पर छात्रों से कहा कि मिट्टी का संरक्षण मानव जीवन के लिए आवश्यक है.
वर्तमान समय में रासायनिक खाद के उपयोग से मिट्टी क उर्वरा शक्ति कम होती जा रही है. जिसका दुष्परिणाम के रूप में उत्पादित अनाज के उपयोग से कई प्रकार की बीमारियां सामने आ रही है. उन्होंने मिट्टी के साथ जल के संरक्षण की भी आवश्यकता जतायी. मौके पर प्रथम वर्ष विज्ञान संकाय की छात्रा नेहा शर्मा ने मिट्टी के संरक्षण को लेकर मानव द्वारा बरती जा रही लापरवाही की तरफ ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जमीन जल के साथ पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने के लिए मानव ही दोषी है. प्रकृति प्रदत्त उपहार के निजी फायदे के लिए गलत उपयोग के कारण ही मानव विभिन्न संकटों का सामना कर रहा है. छात्र धीरज भारती ने भी मिट्टी के क्षरण तथा इससे उत्पन्न बाढ़, जलवायु परिवर्तन की समस्या पर अपने विचारों से अवगत कराया. कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक शंभू सिंह रामप्रकाश दास, राकेश रंजन, सतीश शर्मा, बासकीनाथ प्रसाद, देवकी पंजियारा, पूनम कुमारी, पुष्पा टोप्पो, अमिता सिंह, सुष्मा रानी राउत, शबनम खातुन, दिनेश रजक, रेखा कुमारी, सुतोषिनी सोरेन आदि
शामिल हुए.
