कोर्ट प्रतिनिधि, गोड्डा डीजे पंचम नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी शिवलाल पहाडिया को भादवि की धारा 302 के तहत आजीवन सश्रम कारावास की सजा दी है. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त छह महीने की सजा काटनी होगी. सजावार आरोपी शिवलाल पहाडिया ललमटिया थाना क्षेत्र के बड़ा सुरला गाँव का निवासी है. उसके विरुद्ध ललमटिया थाना में प्राथमिकी संख्या 13/24 दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी के भाई की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी उसके साथ रहने लगी थी. इस दौरान दोनों के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था और आरोपी द्वारा मारपीट की बात भी सामने आई थी. घटना 2 फरवरी 2024 की है. उस दिन मैसा पहाडिया दोपहर में अपने चाचा शिवलाल पहाडिया के घर सीढ़ी लेने गया था. वहां उसने अपनी मां को खाट पर पड़े देखा. जब उसने उठाने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. शरीर पर जख्म के निशान थे और वह मृत पाई गयी. इसके बाद मैसा पहाडिया ने घटना की सूचना थाना को दी. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान मामले को सत्य पाया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. मुकदमे के दौरान कुल नौ गवाहों की गवाही हुई. प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनायी.
सुनवाई: हत्या के आरोपी को सश्रम कारावास की सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना भी
गोड्डा की अदालत ने हत्या के मामले में आरोपी शिवलाल पहाडिया को भादवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी ललमटिया थाना क्षेत्र के बड़ा सुरला गाँव का रहने वाला है। घटना 2 फरवरी 2024 की है जब मृतक महिला, जो आरोपी के भाई की पत्नी थी, घर में मृत पाई गई। घरेलू विवाद के कारण आरोपी पर मारपीट का आरोप भी था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच की और चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में नौ गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा दी गई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त छह महीने की कैद होगी।
