बाल अधिकार पर आयोजित कार्यशाला में डीसी ने कहा
जबरन अपनी बात थोपने से बच्चे बन जाते हैं दब्बु
गोड्डा : समाहरणालय सभागार में बाल अधिकार पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. देवघर से फ्रीजन फाउंडेशन व आश्रय के द्वारा कार्यशाला आयोजित की गयी थी. इस अवसर पर डीसी अरविंद कुमार, एसपी संजीव कुमार व बाल संरक्षण कार्यालय के ओर से आये पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यशाला का उदघाटन किया. कार्यशाला में डीसी श्री कुमार ने बाल अधिकार को लेकर गहनता से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण से ही बच्चों का विकास संभव है.
यदि बच्चों को स्वाभाविक रूप से छोड़ दिया जाये तो बच्चों को स्वभाविक विकास होता है. इससे बच्चों का मानसिक व शारीरिक दोनों ही विकास होता है. लेकिन यदि बच्चों पर विशेष दबाव बनाया जाता है तो बच्चे निश्चित रूप से दब्बु हो जाते हैं. इस प्रवृति से बचने के लिए बच्चों पर आवश्यक नियंत्रण रखे जाने की जरूरत है. न कि अनावश्यक नियंत्रण किये जाने की. बच्चों को स्वच्छ व स्वस्थ्य मानसिकता में रहना जरूरी है. परिवार के सदस्य इस पर नजर रखें. किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाये जाने के बाद बच्चों में सही ढंग से विकास नहीं हो पाता है.
बाल संरक्षण व अधिकार पर पुलिस सजग : एसपी
वहीं एसपी संजीव कुमार ने भी कार्यशाला को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण व अधिकार दोनों महत्वपूर्ण विषय है. इसको लेकर गोड्डा पुलिस द्वारा किये गये व जाने वाले कार्यों का उललेख किया. उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण के लिए बनाया गया कानून निष्प्रभावी नहीं है. इसका पालन किया जा रहा है. विशेषकर पुलिस विभाग इन मामलों को लेकर बेहद ही संजिदा व गंभीर हो गयी है. नाबालिग अथवा बच्चों को बाल संरक्षण व अधिकार को लेकर पुलिसकर्मी पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित हैं. नाबालिगों के अधिकार व संरक्षण को लेकर विशेष प्रकार के उपाय किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिले के कुल छह थानों में अलग से बाल मित्र थाना बनाया गया है. आने वाले समय में पकड़ाये नाबालिगों को बाल मित्र थाना में ही रखा जायेगा. इस अवसर पर बाल संरक्षण अध्यक्ष प्रदीप सिंह, पदाधिकारी रीतेश कुमार व विधि जानकार राजेश कुमार गुप्ता सहित गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि थे.
