मां, बहन, भाई के आंखों से थम नहीं रहे थे आंसू

मेहरमा : मेहरमा के डोय में सड़क हादसे में दिहाड़ी मजदूर मो इम्तियाज आलम की मौत की खबर सुनकर उसके में कोहराम मच गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मां संजीदा खातुन, पत्नी रूकसाना, भाई मो जमजम, मो असरा, बहन आसमीन खातुन के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है. […]

मेहरमा : मेहरमा के डोय में सड़क हादसे में दिहाड़ी मजदूर मो इम्तियाज आलम की मौत की खबर सुनकर उसके में कोहराम मच गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मां संजीदा खातुन, पत्नी रूकसाना, भाई मो जमजम, मो असरा, बहन आसमीन खातुन के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है. परिजनों ने बताया कि उसकी शादी छह माह पूर्व बड़ा मानगढ़ गांव में उसकी शादी रूकसाना से हुई थी. रूकसाना का मात्र छह माह में ही सुहाग छीन गया है. पत्नी की मौत की सदमे से वह उबर नहीं पा रही है. वहीं परिवार का कमाऊ सदस्य की असमय मौत हो जाने के कारण परिवार पर दु:ख का पहाड़ टूट गया है.

घटना में दिहाड़ी मजदूर की मौत की खबर सुनकर ग्रामीणों का हुजूम घटना स्थल पर पहुंच गया. देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. ग्रामीण परिजनों को ढांढ़स बांधने का काम कर रहे हैं.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने ली सुधि :घटना के बाद से परिजनों से मिलने क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि पहुंचे थे. कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका पांडेय सिंह ने परिजनों से मिलकर ढांढस बांधने का काम किया है. श्रीमति सिंह ने परिजनों को आवश्वस्त कराया है कि आपदा राहत कोष के तहत परिजनों को आर्थिक सहायता दिलवायी जायेगी. उन्होंने संकट की घड़ी में परिजनों को दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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