स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन
कोई खतरा नहीं है कांटों से अब तो फूलों से बम निकलता है : संध्या तिवारी
आकाशवानी पटना के उदघोषक शंकर केमुरी ने किया मंच संचालन
बिहार, झारखंड व यूपी से आयी कवि में हरिनारायण हरीश, धर्मप्रकाश मिश्र, नागेश शाडिल्य ने अपनी रचनाओं से बांधा समां
गोड्डा : राज्य स्थापना दिवस समाराह के दूसरे दिन सोमवार को स्थानीय गांधी मैदान में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका उदघाटन डीसी अरविंद कुमार, डीडीसी मुकुंद दास आदि ने संयुक्त रूप से किया. इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड के कवियों ने अपनी रचना प्रस्तुत कर समां बांध दिया. मंच संचालन आकाशवाणी पटना के उद्घोषक शंकर केमुरी ने किया. उन्होंने वर्तमान समय में नारी सम्मान व सभ्यता पर शायरी प्रस्तुत किया.
जो ममता दे वहीं अांचल है, जो माथे से उतर जाये तो नारी शर्म वाली पानी में डूब कर मर जाये… आदि से लोगों का अभिवादन किया. वहीं संध्या तिवारी की गजलों में …कुछ उम्मीदों से कम निकलता है, जिस जगह ढूढे गम निकतला है, कोइ खतरा नहीं है कांटों से, अब तो फूलों से भी बम निकलता है, सहित कई गजलें पेश की. वाराणसी के कवि धर्मप्रकाश मिश्र ने .
…घुसकर मारा फिर घुसकर मारेेंगे, पाक में भारत सरकार होनी चाहिये आदि कविता पुस्तुत किया. हरिनाराण हरीश की शकुंतला और कर्ण रचना से … जब जब कोई कर्ण बहाया जायेगा, द्रोपदी काे नग्न कराया जायेगा, जब जब दुर्योधन जैसे शासक होंगे, यहां महाभारत दुहराया जायेगा. वाराणसी के नरेेश शाडिल्य की रचना में … तेज स्कूल से जाती जब एक आतंकवादी नुमा लड़की ,
मेरे घुर कर देखने पर अत्यंत जोर से भड़की .. की प्रस्तुति करि लोगों की तालियां बटोरीं. इस अवसर पर एसी अनिल कुुमार तिर्की, एसडीओ सौरभ कुमार सिन्हा, नगर अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह, डीपीआरओ के डी रजक, रवि कुमार , राहुल जी आनंद, भाजपा नेेता राजेश झा ,सांस्कृतिक कार्यकक्रम के संयोजक सुरजीत झा , नोडल पदाधिकाररी मनरेगा पुरुषोत्तम कुमार आदि थे.
