किसान सभा की बैठक में लिया निर्णय
इसीएल पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
कहा, मजदूर विरोधी है केंद्र व राज्य सरकार
श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों का मारा जा रहा हक
महगामा : राजमहल परियोजना की वादाखिलाफी के मामले को लेकर झारखंड राज्य किसान सभा 22 अगस्त को धरना देगा. इसको लेकर झारखंड राज्य किसान सभा की हुई बैठक में निर्णय लिया गया. बैठक में महिला जनवादी समिति व सीटू के संयुक्त नेताओं ने भी भाग लिया. इसकी अध्यक्षता क्रिस्टीना टुडू ने की. बैठक में आये नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बताया कि इसीएल के वादाखिलाफी के मामले को लेकर 22 अगस्त को इसीएल के क्षेत्रीय कार्यालय में मांग-पत्र सौंपा जायेगा.वहीं दो सितंबर को राजमहल परियोजना का चक्का जाम किया जायेगा.
नेताओं ने बताया कि श्रम कानूनों के विरोध मे इसीएल का चक्का जाम करने का काम तीनों इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा. बैठक में अशोक साह ने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार, किसान व मजदूर विरोधी सरकार है. महंगाई व बेरोजगारी आदि पर नियंत्रण लगाये जाने में विफल साबित हुई है.जन गोलबंदी कर ही सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ा जा सकता है. कायेला खदानों को निजी हाथों में बेचने की मंशा सरकार कर रही है. श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों का हक सरकार मारना चाहती है. आंदोलन को लेकर जगह जगह दीवार लेखन आदि भी किया गया है. बैठक में दशरथ मंडल,भागीरथ प्रसाद महतो, सफीक, इब्राहिम, हादिशा खातुन, मतिउर्रहमान, मो अख्तर आलम, रवींद्र कुमार, अनिल सिंह आदि थे.
