गोड्डा : राज्य सूचना आयुक्त ने गोड्डा के जनसूचना कार्यकर्ता को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सूचना नहीं दिये जाने के एवज में विभाग पर 50 हजार क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया है. इसे पारित करते हुए आयुक्त ने यह भी आदेश दिया कि विभाग दो सप्ताह में अपीलकर्ता को सूचना उपलब्ध कराये.
ऐसा नहीं होने पर आयोग अगली सुनवाई के दौरान क्षतिपूर्ति के तहत 50 हजार रुपये की जुर्माना स्वरूप देने के लिये आदेश पारित करेगी.
सूचना देने के एवज में मांगी थी राशि : आरती ट्रस्ट के सचिव अभिजीत तन्मय द्वारा तात्कालीन सिविल सर्जन से 14 जून 2012 को बिंदुवार तीन सूचनाएं मांगी थी. इसमें बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा वर्ग तृतीय व चतुर्थ के लिपिक पद के प्रोन्नति संबंधी मामले की सूचना मांगी गयी थी. इस पर सिचिल सर्जन की ओर से सूचना के एवज में 24 हजार 234 रुपये की मांग तथा सरकार के तात्कालीन स्वास्थ्य सचिव शिवेंदु के प्रेषित-पत्र की सूचना देने में भी कटौती की थी.
राज्य सूचना आयोग में की अपील : इसके बाद अपीलकर्ता ने अभिजीत ने राज्य सूचना आयोग में अपनी ओर से अपील की.
अपील संख्या 381/2013 की सुनवाई कई बार हुई. 18 जनवरी 16 को हुई सुनवाई के दौरान आयोग के आयुक्त ने इस बात का उल्लेख किया कि कंडिका संख्या -7 के संबंध में सूचना उपलब्धता के लिये विभागीय मुख्यालय स्थापना को पीतपत्र संख्या 17 /सू0 आ. 241/2012-265-13 दिनांक 10 अक्तूबर 2014 द्वारा अनुरोध किया गया . विभाग पर प्रश्न-चिह्न लगाते हुए आदेश में जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के संबंधित पदाधिकारी द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराना, इस बात को प्रमाणित करता है कि यह जनता के साथ धोखाधड़ी व बेईमानी है.
स्वास्थ्य विभाग, रांची के अधिकारियों को आदेश : आयुक्त ने अवर सचिव, प्रभारी मुख्यालय स्थापना, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, रांची व डीम्ड जन सूचना पदाधिकारी नामित करते हुए दो सप्ताह के अंदर सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
