हर बार मरते हैं गरीब मजदूर, थाने में नहीं अाते मामले

गोड्डा : गोड्डा और दुमका जिले में कोयले के काला कारोबार में पूरी तरह से सने माफियाओं के जाल में फंस कर हर बार गरीब मजदूरों की मौत हो रही है. अवैध खनन संचालित करने वाले ऐसे मामले में घटना के बाद अपनी पैरवी और पैगाम जुटाने में लग जाते हैं. इस अवैध खनन के […]

गोड्डा : गोड्डा और दुमका जिले में कोयले के काला कारोबार में पूरी तरह से सने माफियाओं के जाल में फंस कर हर बार गरीब मजदूरों की मौत हो रही है. अवैध खनन संचालित करने वाले ऐसे मामले में घटना के बाद अपनी पैरवी और पैगाम जुटाने में लग जाते हैं. इस अवैध खनन के दौरान हादसे में जहां गरीबों की मौत होती है वहीं माफिया अपने एप्रोच तथा सिस्टम को पूरी तरह अपने पक्ष में कर चांदी काटते हैं. गोड्डा के सुंदरपहाड़ी व दुमका के तटवर्ती क्षेत्र में ऐसे अवैध कोयला उत्खनन में लगे माफिया रातों रात माला माल हो रहे हैं और उनके इस काले कारोबार को उच्च रसुक वालों का हाथ उनके सर पर होता है.

चार जनवरी को छोटा डांगापाड़ा के बासुली नदी के तट पर हुए मजदूरों की मौत के मामले भी एक वर्ष पूर्व सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के जामुनटांड़ स्थित अवैध कोयला उत्खनन क्षेत्र में पिपरजोरिया गांव के एक मजदूर के मौत की ही तरह है. घटना के बाद पुरे मामले को जानने के बाद पुलिस की कार्रवाई तो हुई लेकिन आधी अधूरी कार्रवाई के कुछ दिनों के बाद ही माफियाओं ने फिर से एक बार इस कारोबार को प्रारंभ कर दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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