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नहीं बना नकचीरा नदी में पुल प्रतिदिन इस रास्ते से करते हैं बिहार तक का आवागमन ट्यूब वाले डोंगरी से करते है आना जानाहल्दीया बांध के बन जाने से लोगों को हो रही है तकलीफ -बदहाल है सुस्ती पंचायत का महेशपुर गांव – आस पास क्षेत्र से कई बार चुने गये जनप्रतिनिधि मगर किसी ने […]

नहीं बना नकचीरा नदी में पुल प्रतिदिन इस रास्ते से करते हैं बिहार तक का आवागमन ट्यूब वाले डोंगरी से करते है आना जानाहल्दीया बांध के बन जाने से लोगों को हो रही है तकलीफ -बदहाल है सुस्ती पंचायत का महेशपुर गांव – आस पास क्षेत्र से कई बार चुने गये जनप्रतिनिधि मगर किसी ने नहीं दिया विकास पर ध्यान-सड़क से लेकर पेयजल की हालत के लिये लोग हलकान तसवीर-18 में ग्रामीण , 19 में नकचीरा नदी, 20 में नकचीरा नदी के पास बना चेक डेम, 21 में नकचीरा नदी को तैरकर पार करते , 22 में सड़क में नाली नहीं , 23 से 27 तक ग्रामीणों की रिनेम कर संवाददाता, गोड्डाझारखंंड गठन के बाद 15 वर्ष बीत गये हैं. कई सरकार आयी आैर गयी. इसके बावजूद बसंतराय प्रखंड के महेशपुर पंचायत की दशा व दिशा नहीं बदली. पंचायत की वर्तमान में स्थिति काफी दयनीय है. पंचायत को बिहार से जोेड़ने वाली नकचीरा नदी पर पुल नहीं बना है. इस कारण लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी हो रही है. क्योंकि लोगों को दैनिक कार्य के लिये सबसे पहले नकचीरा नदी का सामना करना पड़ता है. पथरगामा प्रखंड के कई गांव व महेशपुर के लोगों का बिहार जाने का शार्ट रास्ता यही है. ग्रामीणों का कहना है कि ब्रिटिश काल से ही नकचीरा नदी को पार कर बिहर जाने का रास्ता है. इसके बावजूद अब तक सड़क व पुल नहीं बन पाया है. ग्रमीणों में अजय चौधरी, शिववशंकर चौधरी, नकुल कांत झा, शंभु चौधरी सह प्रधान, फोटो यादव, रविंद्र, उदय कुमार, मृत्युजय झा, सुरेश यादव, कल्लू यादव, सिकंदर रविदास, सोनू कुमार, धनश्याम यादव, महेश दास आदि ने कहा कि वर्तमान में नदी को ट्यूब के ढोगरी से पार करना पड़ रहा है. नदी में करीब 8 से 10 फीट पानी का जमा रहता हैै. पहले बना था चेक डेम, टूट गयानकचीरा नदी के पास से ही पुल तो नहीं बना, लेकिन सिंचाई के लिये चेक डेम तो बनाया गया. काम अधूरा होने के कारण डेम ध्वस्त हो गया. गांव में है कई समस्याएंग्रामीणों ने बताया कि महेशपुर के लोगों को करीब दो माह से केरोसिन नसीब नहीं है. आज तक इस मामले में कोई खोज खबर लेने वाला नहीं है. पास के स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक एएनएम है. अब तक एक चिकित्सक तक की व्यवस्था नहीं हो पायी है. आठ माह से गोड्डा से भागलपुर आवागमन का यह मुख्य मार्ग बन गया है. जब से गोड्डा पंजवारा वाया डाका मोड़ सड़क की स्थिति खराब हुयी है तब से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों के आवागमन हो रहा है.ग्रामीणों ने कहा ”नकचीरा नदी पर पुल के लिये जनप्रतिनिधियों से लगातार शिकायत की गयी. इसके बावजूद अब तक पुल बनाने की दिशा में काम नहीं हुआ है”-अजय चौधरी, ग्रामीण…………………………………….”विकास के नाम पर महेशपुर गांव में कुछ भी नहीं हुआ. पांच वर्षों के दौरान पंचायत की हालत ओर भी बदतर हो गयी है ”-शिवशंकर चौधरी, ग्रामीण…………………………………”स्वास्थ्य पेयजल से लेकर सड़क व सिंचाई मामले में बसंतराय में कुछ भी काम नहीं हो पाया है . जनप्रतिनिधि को इस बात से लेना देना नहीं है ”- नकुल कांत झा………………………………”जिस तरह से प्रतिदिन लोगों को नदी तेरकर पार करना पता हे इससे स्थिति कई दशक पीछे चला जा रहा है , व्यवस्था को दुरुस्त करने की पहल हो.- शंभु चौधरी, ग्राम प्रधान………………………………” जिस गांव की राजनीतिक गतिविधि जिले में हो उस गांव के लोगों को कष्ट सहना पड़े दुख की बात है ”-सुरेश यादव ,ग्रामीण

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