ओके::कोयला खदानों का निजीकरण करना चाहती है केंद्र सरकार : ददई दुबे

-केंद्र सरकार को बताया मजदूर विरोधी-मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का किया आह्वानप्रतिनिधि,महगामाकेंद्र सरकार कोयला खदानों को निजीकरण की राह पर ले जाने की तैयारी कर रही है. खदानों के बंदरबांट करने में लगी है. यह बातें इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददई दुबे ने शनिवार को महगामा प्रखंड के ऊर्जानगर मेला मैदान […]

-केंद्र सरकार को बताया मजदूर विरोधी-मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का किया आह्वानप्रतिनिधि,महगामाकेंद्र सरकार कोयला खदानों को निजीकरण की राह पर ले जाने की तैयारी कर रही है. खदानों के बंदरबांट करने में लगी है. यह बातें इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददई दुबे ने शनिवार को महगामा प्रखंड के ऊर्जानगर मेला मैदान में शनिवार को राष्ट्रीय खान मजदूर संघ इंटक की और से आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कोयला खदानों को निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका विरोध किया गया है. केंद्र सरकार मजदूर विरोधी है. मजदूरों पर चोट पहंुचाने का काम किया जा रहा है. मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. कहा कि इसीएल में चल रहे आउट सोर्सिंग के धंधे पर बे्रेक लगाने के लिए मजदूर एक हों.आठ राज्यों से आये 125 प्रतिनिधि कार्यक्रम में महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश,आंध्र पद्रेश, तेलंगाना, यूपी,दिल्ली आदि प्रदेशों से लगभग 12 मजदूर नेताओं ने शिरकत की. ददई दुबे के अलावा आये अन्य प्रमुख नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया. इस अवसर पर इंटक की महासचिव एस विजयालक्ष्मी, छविनाथ सिंह, कालीचरण यादव, सुरेंद्र पांडेय, एसके झा, तेजनारायण मिश्रा, कमला सिंह, एनजी अरुण, आरएन झा, सूर्यनारायण हांसदा आदि थे……………तसवीर: 21 दीप प्रज्जवलित करते, 22 संबोधित करते, 23 कार्यक्रम में उपस्थित लोग

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