प्रतिनिधि, गोड्डा कोर्टजिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय वंशीधर तिवारी के न्यायालय द्वारा मुन्ना तिवारी उर्फ अशोक कुमार तिवारी की मां के श्राद्धकर्म के लिये अंतरिम जमानत प्रदान की गयी है. जमानत की अवधि 26 जनवरी तक के लिये दी गयी है. मुन्ना तिवारी को 27 जनवरी को सुबह 11 बजे न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा. जेल में बंद मुन्ना के भाई ललन तिवारी को भी अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया है. मालूम हो कि 12 जनवरी को मुन्ना क मां शारदा देवी का निधन हो जाने के कारण मुखाग्नि के लिये जमानत प्रदान की गयी थी. पुन:निर्धारित समयावधि पंद्रह जनवरी के 11 बजे मुन्ना व उसके भाई ललन तिवारी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था. न्यायालय द्वारा दस हजार के दो बांड पर जमानत दी गयी है. साथ ही न्यायालय ने अपने जमानत आदेश में यह भी लिखा है कि जमानत की अवधि के दरम्यान कोर्ट के निर्देशानुसार समाज में शांति बनाये रखने व अपाराधिक गतिविधियों ने से दूर रखने की हिदायत दी गयी है. जमानत के निर्णय की प्रति डीसी व एसपी को भेज दी गयी है.
मां के श्राद्धकर्म के लिये मुन्ना तिवारी को मिली अंतरिम जमानत
प्रतिनिधि, गोड्डा कोर्टजिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय वंशीधर तिवारी के न्यायालय द्वारा मुन्ना तिवारी उर्फ अशोक कुमार तिवारी की मां के श्राद्धकर्म के लिये अंतरिम जमानत प्रदान की गयी है. जमानत की अवधि 26 जनवरी तक के लिये दी गयी है. मुन्ना तिवारी को 27 जनवरी को सुबह 11 बजे न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना […]
