ओके :: मछुआरों ने दिया धरना

प्रतिनिधि,गोड्डाजमनी पहाड़पुर मत्स्यजीवी सहयोग समिति के क्रियाकलाप से क्षुब्ध मछुआरों ने गुरुवार को मांगों को लेकर सहायक निबंधक के कार्यालय के बाहर धरना दिया. इस दौरान मछुआरों ने मछुआ समिति के मंत्री पर नये सदस्यों को एक साजिश के तहत सदस्य नहीं बनाये जाने का आरोप लगाया. संयोजक गंगा सागर केवट व पिंकू केवट ने […]

प्रतिनिधि,गोड्डाजमनी पहाड़पुर मत्स्यजीवी सहयोग समिति के क्रियाकलाप से क्षुब्ध मछुआरों ने गुरुवार को मांगों को लेकर सहायक निबंधक के कार्यालय के बाहर धरना दिया. इस दौरान मछुआरों ने मछुआ समिति के मंत्री पर नये सदस्यों को एक साजिश के तहत सदस्य नहीं बनाये जाने का आरोप लगाया. संयोजक गंगा सागर केवट व पिंकू केवट ने बताया कि जमनी पहाड़पुर मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा कई वर्षों से सदस्य नहीं बनाया गया है. इस कारण मछुआरा निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने में अक्षम है. इनलोगों ने बताया कि मत्स्यजीवी सहयोग समितियों द्वारा सदस्य नहीं बनाने पर मनमाने ढंग से तालाबों की बंदोबस्ती की गयी है. इसमें पुराने सदस्यों को बंदोबस्ती से बाहर रखा गया है. इनलोगों ने बताया कि कुल 65 सदस्यों को निर्वाचन सूची से बाहर रखा गया है. इसके विरोध में जिला सहायक निबंधक को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा गया है. मत्स्यजीवी समिति ने आरोप को बताया बेबुनियादइस मामले को लेकर जमनी पहाड़पुर समिति के मंत्री नरसिंह केवट ने बताया कि सदस्य बनाये जाने को लेकर कोई कोताही नहीं बरती गयी है. आवेदकों ने समिति के कार्यालय में आवेदन नहीं दिया है. सिर्फ सहायक निबंधक कार्यालय आकर दबाब बनाया गया है. वर्ष 2013 के निर्वाचन प्रक्रिया के समय विद्या केवट के पुत्र पिंकू केवट व गंगा सागर केवट ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष जाली रसीद पेश किया गया था. इस आधार पर सदस्यों का निर्वाचन रद्द किया गया था. इसमें इनका कोई दोष नहीं है.

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