छत से टूट कर गिरता रहता है मलवातस्वीर: 25 व 26 जर्जर भवनप्रतिनिधि, मेहरमामेहरमा थाना का भवन जर्जर हो गया है. जर्जर भवन में पुलिस कर्मी रहने को विवश है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1986 में बना थाना भवन अब रहने लायक नहीं रह गया है. थाना के अलावा तीन क्वार्टर भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. जिसमें पुलिस कर्मी भय में रात व दिन गुजार रहे है. भवन की छत से हर समय मलवा गिरता रहा है. मेहरमा थाना में थाना प्रभारी के अलावा पांच एएसआइ, दो जेएसआइ, तीन गार्ड, बारह सिपाही, एक हवलदार, तीन मुंशी, दो चालक व 42 चौकीदार हैं. पूर्व एसपी राकेश बंसल ने अपने कार्य काल के समय थाना का निरीक्षण कर भवन की स्थिति से अवगत होकर डीजीपी को पत्राचार किया था. लेकिन आज तक इस दिशा में कोई पहल नहीं किया गया.——————————” पूर्व में वरीय पदाधिकारी को थाना के जर्जर भवन की जानकारी दी गयी है. कर्मी हमेशा भय में रहते है. भवन जर्जर हो गया है. भवन बनने की दिशा में प्रयास जरूरी है.”-ब्रिजकुमार सिन्हा, थाना प्रभारी मेहरमा.
मेहरमा थाना के जर्जर भवन में रहने को विवश हैं पुलिस कर्मी
छत से टूट कर गिरता रहता है मलवातस्वीर: 25 व 26 जर्जर भवनप्रतिनिधि, मेहरमामेहरमा थाना का भवन जर्जर हो गया है. जर्जर भवन में पुलिस कर्मी रहने को विवश है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1986 में बना थाना भवन अब रहने लायक नहीं रह गया है. थाना के अलावा तीन क्वार्टर भवन पूरी तरह जर्जर […]
