जीवन में सदाचार व शिष्टाचार जरूरी : अमोदानंदतस्वीर: 14 प्रवचनकर्त्ता स्वामी अमोदानंदपथरगामा. महर्षि ज्ञान वैराग्य आश्रम पिपरा रांगाटांड़ में ध्यानाभ्यास सत्संग छठे दिन जारी रहा. प्रवचनकर्त्ता स्वामी अमोदानंद ने कहा कि मनुष्य का शरीर बड़े भाग्य से मिलता है. इस शरीर का सदुपयोग होना चाहिए. कहा कि मानवता व पूर्ण मानव बनने के लिए शिष्टाचार,सदाचार का होना अति आवश्यक है. सच्चे गुरु के बताये मार्ग पर चलने से ही कल्याण संभव है. झूठ, चोरी, नशा, हिंसा से दूर रहना अति आवश्यक है. इस दौरान दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे.
ध्यानाभ्यास सत्संग में प्रवचन का आयोजन
जीवन में सदाचार व शिष्टाचार जरूरी : अमोदानंदतस्वीर: 14 प्रवचनकर्त्ता स्वामी अमोदानंदपथरगामा. महर्षि ज्ञान वैराग्य आश्रम पिपरा रांगाटांड़ में ध्यानाभ्यास सत्संग छठे दिन जारी रहा. प्रवचनकर्त्ता स्वामी अमोदानंद ने कहा कि मनुष्य का शरीर बड़े भाग्य से मिलता है. इस शरीर का सदुपयोग होना चाहिए. कहा कि मानवता व पूर्ण मानव बनने के लिए शिष्टाचार,सदाचार […]
