तसवीर-14 में गोड्डा के प्रथम विधायक बुद्विनाथ झा कैरब रचित तीन काव्य के प्रेा. श्याम संुदर घोष द्वारा संपादित कैरव काव्यतयी की भेंट करते लोक मंच के सचिव सर्वजीत झा संवाददाता, गोड्डाएक समय था जब एसडीओ रहते आरएस शर्मा गोड्डा के प्रसिद्ध साहित्यकार सह कॉलेज प्रो श्याम संुदर घोष के साथ फुरसत का क्षणों को व्यतीत करते थे. 33 साल बाद जब श्री शर्मा गोड्डा पहंुचे तो जानकारी के बाद प्रो श्री घोष अपने को रोक नहीं पाये. मगर उम्र के पड़ाव के साथ शरीर के अस्वस्थता ने उनके मिलन में बेड़ी लगा दी. श्री शर्मा को सोमवार की सुबह एक काव्य संग्रह भेट करायी गयी. गोड्डा के प्रथम विधायक सह साहित्यकार बुद्विनाथ झा कैरव द्वारा रचित तीन काव्यों में ‘अछूत’, उत्कर्ष व हीरा’ का संपादन प्रो घोष ने किया है. काव्य संग्रह ‘ कैरव काव्यतयी ‘ श्री शर्मा को भेट सर्वजीत झा के हाथों किया गया. श्री शर्मा के हाथ में पुस्तक आते ही उन्होंने श्री घोष को याद करते हुए कहा कि कहां की कहां है घोष जी. बीमार व शरीर की दुर्बलता की बात बताये जाने पर श्री शर्मा भावुक होते हुए कहा कि उनकी उनकी याद आ रही है. फिर स्वयं फोन से नंबर डायल कर श्री घोष जी से उनका हाल चाल जाना. बताते चले कि बीमार अवस्था की परवाह किये बिना लंबे समय तक काव्य संग्रह किया. काव्य संकलन का काम लोकमंच के सचिव सर्वजीत झा ने किया है. काव्य रचना में कैरव जी ने अछूत के माध्यम से तात्कालिक व्यवस्था पर चोट किया है. वहीं उत्कर्ष व हीरा में देश प्रेम व आजादी की गाथा नायक के रूप में रख कर लोगों के समक्ष लाने का काम किया.
साहित्यकार श्याम संुदर घोष द्वारा संपादित काव्य संग्रह किया भेंट
तसवीर-14 में गोड्डा के प्रथम विधायक बुद्विनाथ झा कैरब रचित तीन काव्य के प्रेा. श्याम संुदर घोष द्वारा संपादित कैरव काव्यतयी की भेंट करते लोक मंच के सचिव सर्वजीत झा संवाददाता, गोड्डाएक समय था जब एसडीओ रहते आरएस शर्मा गोड्डा के प्रसिद्ध साहित्यकार सह कॉलेज प्रो श्याम संुदर घोष के साथ फुरसत का क्षणों को […]
