डीसी के निर्देश पर पैक्स समितियों पर प्राथमिकी

आखिर चार सालों तक विभाग गबन के आरोपियों क्यों बचाता रहा गोड्डा : डीसी के आदेश के बाद आखिरकार सहकारिता विभाग की ओर से वितीय वर्ष 2011-12 के धान अधिप्राप्ति मामले में गबन करने वाले समितियों पर प्राथमिकी की जा रही है. विभाग ने यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया.यह मामला जबकि 2011-12 वितीय वर्ष […]

आखिर चार सालों तक विभाग गबन के आरोपियों क्यों बचाता रहा

गोड्डा : डीसी के आदेश के बाद आखिरकार सहकारिता विभाग की ओर से वितीय वर्ष 2011-12 के धान अधिप्राप्ति मामले में गबन करने वाले समितियों पर प्राथमिकी की जा रही है. विभाग ने यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया.यह मामला जबकि 2011-12 वितीय वर्ष का है. यह एक अपने आप में बड़ा सवाल है. वहीं तत्कालीन डीसी अरविंद कुमार के निर्देश पर वर्ष 2016 में हुए गबन के मामले में विभाग ने प्राथमिकी दर्ज करा दी थी.जबकि धान अधिप्राप्ति मामले में 2011-12 के मामले में अब तक क्यों नहीं प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
कहीं न कहीं विभाग भी इस सवाल के घेरे में आता है. मिली जानकारी के अनुसार विभाग केवल पैक्स समितियों के पास पत्राचार कर उनको बचाने का प्रयास करता रहा. यदि विभाग पत्राचार का खेल नहीं खेलता तो आज गोड्डा डीसी को पैक्स समितियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने की नौबत नहीं आती. सूत्रों की माने तो विभाग के अधिकारियों से पैक्स संचालकों की अच्छी बनती थी.पत्राचार करने का तरीका सिर्फ एक दिखावा था. विभाग समितियों के गबन के मामले को टालमटोल कर दबाना चाहता था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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