पोड़ैयाहाट : एक तरफ जहां सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों रुपये का खर्च कर रही है. वहीं दूसरी तरफ पोड़ैयाहाट बाजार का एक मात्र सरकारी तालाब सरकारी उपेक्षा का शिकार है. तालाब के चारों ओर गंदगी पसरी है. सरकारी तालाब से प्रत्येक वर्ष मत्स्य विभाग को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है. लेकिन तालाब की साफ-सफाई के प्रति सरकार पूरी तरह उदासीन है.
लाखों का राजस्व देने वाला सरकारी तालाब बदहाल
पोड़ैयाहाट : एक तरफ जहां सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाखों रुपये का खर्च कर रही है. वहीं दूसरी तरफ पोड़ैयाहाट बाजार का एक मात्र सरकारी तालाब सरकारी उपेक्षा का शिकार है. तालाब के चारों ओर गंदगी पसरी है. सरकारी तालाब से प्रत्येक वर्ष मत्स्य विभाग को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है. लेकिन […]

ग्रामीण डब्लू भगत, संजय कुमार, गोपाल मंडल आदि ने बताया कि तालाब के चारों ओर गंदगी से लोग परेशान हैं. जबकि पूर्व में तालाब के जीर्णोद्धार पर लाखों रुपये खर्च किये जा चुके हैं. जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में विधायक निधि से भी तालाब का जीर्णोद्धार को लेकर राशि दी गयी थी. उसके पूर्व फूड फॉर वर्क योजना के तहत राशि दी गयी थी. लेकिन राशि का बंदरबांट कर दिया गया. सरकारी तालाब की स्थिति जस की तस बनी है. तालाब में प्रतिदिन सैकड़ों व्यक्ति स्नान करते हैं. स्थानीय मुखिया अनुपम भगत द्वारा 14वें वित्त आयोग की राशि से स्नान घर बनाया गया है. इससे लोगों का स्नान करने में काफी सुविधा होती है.