गोड्डा : गोड्डा में बुधवार को अचानक ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच के बाद फसिया डंगाल में चल रहे प्राइवेट ब्लड बैंक को सील कर दिया गया था. जिससे लोगों के सामने ब्लड को लेकर समस्या उत्पन्न हो गयी है. विशेषकर थैलिसिमिया रोगीयों के सामने यह एक बड़ी समस्या बन गयी है. गोड्डा में मात्र एक ही प्राइवेट ब्लड बैंक था जिससे रोगी जरूरत पर रक्त लेते थे, लेकिन अब लोग ब्लड कहां से ले लोगों को समझ में नहीं आ रहा है. कुछ ऐसा ही वाक्या कुसमनी चरकाकोल गांव का थैलिसिमिया पीड़ित बच्चें के बारे में मालूम चला है. जो अपने पीड़ित बच्चों की जान बचाने के लिए पिता जयकांत मांझी जो ने सीएस डॉ बनदेवी झा को पत्र लिख की गुहार लगाया है.
जयकांत मांझी ने पत्र की प्रति डीसी, एसडीओ तथा गोड्डा विधायक को प्रेषित करने के साथ साथ मुख्यमंत्री व राज्य के स्वास्थ्य सचिव को भी पत्र प्रेषित कर जान बचाने की गुहार लगाया है. पत्र में जयकांत मांझी ने बताया है कि गोड्डा में अब तक सरकारी ब्लड बैंक नहीं हो पाया है. प्राइवेट ब्लड बैंक से थैलिसिमिया के अलावा जरूरत पडने पर अन्य रोगियों को ब्लड मुहैया होता था. जयकांत मांझी ने बताया कि उसके दो बच्चें राजा मांझी एवं कृष्णा मांझी के अलावा साइमा खातुन, प्रिंस कुमार व मो. जमाल जो थैलिसिमिया से पीड़ित है जिन्हें महीने में एक बार रक्त की जरूरत पड़ती है और उसे स्थानीय ब्लड बैंक से चढ़ाया जाता था. ब्लड बैंक के सील हो जाने से पांच रोगियों के जान को खतरा है तथा जिंदगी और मौत के बीच झुलने को मजबूर होंगे. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया है कि जिले में ब्लड बैंक की अविलंब व्यवस्था की जाए.
